शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों की रक्षा भी जरूरी: डा. उमेश त्यागी
नरेश उपाध्याय
नित्य संदेश, मेरठ। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर एमपी फाउंडेशन एवं अवधूत शिक्षा एवं समाजसेवा ट्रस्ट की ओर से शनिवार को पंडित दीन दयाल उपाध्याय मैनेजमेंट कॉलेज (डीडीयूएमसी) के सभागार में संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह ‘गुरुवर तुम्हें प्रणाम’ का आयोजन किया गया। समारोह में करीब 50 शिक्षकों को सम्मानित कर शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को नमन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने वाला सच्चा मार्गदर्शक होता है। समाज में शिक्षकों के सम्मान के साथ शिक्षा के गिरते नैतिक मूल्यों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेश चंद त्यागी ने शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान निश्चित रूप से गौरव की बात है, लेकिन इसके साथ शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति और उसमें आ रहे नैतिक पतन पर भी मंथन होना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री और रोजगार तक सीमित नहीं रह सकता। विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का विकास भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि लगातार गिरते नैतिक मूल्यों पर ध्यान दिए बिना शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार संभव नहीं है। विशिष्ट अतिथि कर्नल ओंकार शर्मा ने कहा कि शिक्षक का प्रभाव समाज और राष्ट्र के भविष्य पर पड़ता है। यदि शिक्षक को सही ढंग से अपनी भूमिका निभाने का अवसर और सम्मान मिले तो समाज में अनुशासन और संस्कार स्वतः मजबूत होंगे। उन्होंने कहा, “यदि शिक्षक को डंडी दे दी जाए तो पुलिस को डंडे की जरूरत नहीं पड़ेगी।” गुरु का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि शिष्य के जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। गुरु ही उसे सही और गलत का अंतर समझाकर जीवन जीने की सही राह दिखाता है। पूर्व प्राचार्य डॉ. सतीश शर्मा ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। उनके व्यक्तित्व और विचारों का प्रभाव विद्यार्थी के पूरे जीवन पर पड़ता है। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर ऐसे आयोजन को शिक्षकों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का सार्थक माध्यम बताया और आयोजकों को बधाई दी। डीएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीएस यादव ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिए एमपी फाउंडेशन एवं अवधूत शिक्षा एवं समाजसेवा ट्रस्ट को बधाई दी।
इनसेट : साहित्य से सजी सम्मान की शाम


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