-मेरठ परिक्षेत्र में पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए, डीआईजी ने दिए निर्देश
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी पर्व को लेकर मेरठ परिक्षेत्र में
पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। डीआईजी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर
परिक्षेत्र के चारों जनपदों मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ में सुरक्षा व्यवस्था
का खाका तैयार कर लिया गया है।
इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर और अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को मनाई जाएगी। इस
अवधि में पूरे परिक्षेत्र में कुल 168 स्थानों पर 164 गणेश
प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इनमें मेरठ में 80 स्थानों पर 49, बुलंदशहर में
18 स्थानों पर 44, बागपत में 58 स्थानों पर 58 और हापुड़ में 12 स्थानों पर 13
प्रतिमाएं स्थापित होना प्रस्तावित है। परिक्षेत्र में कुल 197 शोभायात्राएं
निकाली जाएंगी। मेरठ में 63, बुलंदशहर में 51, बागपत में 68 और हापुड़ में 15
शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं। सुरक्षा के मद्देनजर 85 स्थानों को संवेदनशील
चिन्हित किया गया है, जिनमें मेरठ में 38, बुलंदशहर में 42, बागपत में 1 और हापुड़
में 4 स्थान शामिल हैं। विसर्जन के लिए 34 घाट निर्धारित किए गए हैं -
मेरठ में 7, बुलंदशहर में 13, बागपत में 10 और हापुड़ में 4। कुल 164 प्रतिमाओं
में से 125 का विसर्जन जनपद के भीतर और 39 का जनपद के बाहर किया जाएगा। इसके अलावा
117 हॉटस्पॉट चिन्हित कर 24 जोन, 81 सेक्टर और 52 क्यूआरटी बनाई गई हैं।
2500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी
कानून व्यवस्था के लिए परिक्षेत्र में कुल 2500 पुलिस बल तैनात किया गया है।
इसमें 07 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 सीओ, 71 निरीक्षक, 460 उप निरीक्षक, 645 मुख्य
आरक्षी, 880 आरक्षी, 375 होमगार्ड/पीआरडी और 01 कंपनी पीएसी शामिल है। डीआईजी
कलानिधि नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी शोभायात्राओं के
रूट, समय का पूर्व निर्धारण किया जाए और मार्गों का भौतिक निरीक्षण कर अतिक्रमण व
विद्युत तारों की समस्या का समाधान कराया जाए। सभी प्रतिमा स्थल सीसीटीवी से कवर
रहेंगे। विसर्जन घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, लाइफ जैकेट, गोताखोर और जल
पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
सोशल मीडिया पर 24x7 रखी जाएगी निगरानी
जुलूसों की सुरक्षा के लिए बॉक्स फॉर्मेट में चारों तरफ पुलिस तैनाती, प्रमुख
स्थानों पर सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी, यातायात के लिए डायवर्जन प्लान और आपात
सेवाओं के लिए वैकल्पिक मार्ग खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोई भी नई या
गैर-परंपरागत परंपरा शुरू नहीं करने दी जाएगी। सोशल मीडिया पर 24x7 निगरानी रखी
जाएगी और अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी ने कहा
कि धार्मिक आस्था का सम्मान रखते हुए त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और
सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाएगा।

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