-अनफिट वाहनों पर चलेगा चाबुक, स्कूलों में ट्रांसपोर्ट कमेटी की भी होगी जांच
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर जनपद में 14 से 19 सितम्बर तक 'मिशन सेफ फ्यूचर-3.0'
के तहत स्कूली वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान विभागीय टीमें जनपद
के सभी विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण करेंगी। विद्यालयों में संचालित और अनुबंधित
बसों, वैन और ऑटो की गहन जांच की जाएगी। जांच के दौरान फिटनेस, पंजीयन, परमिट,
बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र जैसे वैधानिक अभिलेखों के साथ सुरक्षा मानकों को परखा
जाएगा।
इन बिंदुओं पर रहेगी विशेष नजर -
विद्यालय में स्कूल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी कमेटी का गठन है या नहीं, इसकी जांच
होगी। वाहनों में अटेंडेंट की मौजूदगी, छात्राओं के परिवहन में महिला अटेंडेंट की
व्यवस्था और चालकों के चरित्र सत्यापन को भी देखा जाएगा। 15 साल की निर्धारित आयु
सीमा पूरी कर चुके और अनफिट वाहनों के संचालन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
ये कहना है एआरटीओ का
एआरटीओ ने कहा कि अनफिट और मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी स्कूली वाहन
का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत चालान,
निरुद्धीकरण और वैधानिक कार्रवाई होगी।
असुरक्षित वाहनों में न भेजे बच्चे
विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधकों और वाहन संचालकों को अभियान से पहले अपने
वाहनों के दस्तावेज दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिभावकों से अपील की
है कि वे बच्चों को ऐसे ही वाहनों में भेजें जो पूरी तरह सुरक्षित और वैध
दस्तावेजों के साथ संचालित हो रहे हों। असुरक्षित वाहन की सूचना परिवहन कार्यालय
को दें।

No comments:
Post a Comment