नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने एक जटिल थोराकोटॉमी ऑपरेशन कर 37 वर्षीय महिला के सीने से लगभग 5 किलोग्राम वजन का दुर्लभ विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल दिया है। गढ़मुक्तेश्वर निवासी मरीज लता लंबे समय से सांस फूलने की गंभीर समस्या से पीड़ित थी। जांच के लिए एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में कराए गए सीटी स्कैन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। महिला के सीने के अंदर लगभग 22 × 17 × 15 सेमी आकार का विशाल इंट्राथोरेसिक ट्यूमर मौजूद था, जिसने उसके बाएं फेफड़े को पूरी तरह दबा दिया था और हृदय को दाईं ओर खिसका दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अमित कुमार के नेतृत्व में ऑपरेशन की योजना बनाई गई। ऑपरेशन के दौरान स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण निकली। ट्यूमर हृदय की बाहरी झिल्ली पेरिकार्डियम से बुरी तरह चिपका हुआ था और एक जगह फेफड़े से भी जुड़ा था। छाती में जगह बेहद कम होने के कारण ऑपरेशन बेहद जटिल हो गया था। हालांकि डॉक्टरों की टीम ने अत्यंत सावधानी के साथ डिसेक्शन करते हुए फेफड़े और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को सुरक्षित रखते हुए पूरे ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया। पूरी सर्जरी के दौरान रक्तस्राव भी न्यूनतम रहा। इस जटिल सर्जरी में सर्जरी टीम से डॉ. रवि, डॉ. अंकित, डॉ. सेजल एवं डॉ. लक्ष्य तथा एनेस्थीसिया टीम से डॉ. विपिन धामा, डॉ. संगीता, डॉ. अंजलि, डॉ. आयुषी, डॉ. ज्योति राज एवं डॉ. शुभम की अहम भूमिका रही।
ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत तेजी से सुधर रही है। मरीज को वेंटिलेटर से सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। वह बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के सामान्य सांस ले रही है, भोजन ले रही है और चल-फिर रही है। निकाले गए ट्यूमर को हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए भेजा गया है।एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर. सी. गुप्ता ने कहा कि उनकी दूरदर्शी पहल से मेडिकल कॉलेज में ऑन्कोसर्जरी सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है, जिसके चलते अब इस तरह की जटिल कैंसर सर्जरी भी मेडिकल कॉलेज में ही संभव हो पा रही हैं।

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