क़ारी महबूब हसन मुज़फ़्फ़रनगरी
नित्य संदेश, मेरठ। जमीयत उलेमा शहर मेरठ की चौथी कार्यकारिणी एवं "तहफ़्फुज़-ए-मदारिस" (मदरसों की सुरक्षा) को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक मदरसा हुसैनिया विलायतुल इस्लाम, लहसाड़ी रोड, मेरठ में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जमीयत उलेमा शहर मेरठ के अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद जुनैद हक़ी ने की, जबकि संचालन महासचिव मुफ्ती मोहम्मद अरशद क़ासमी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश के सुधार-ए-मुआशरा के संयोजक एवं उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड तहफ़्फुज़-ए-मदारिस के संयोजक मुफ्ती मोहम्मद क़ासिम रज़ी मौजूद रहे।
बैठक में पिछले कार्यकाल की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गई और कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक के मुख्य बिंदु :
1. दीनी तालीमी बोर्ड की रिपोर्ट - अब तक 19 नए मकतब स्थापित किए जा चुके हैं, निकट भविष्य में 60 नए मकतब स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
2. सुधार-ए-मुआशरा विभाग - अब तक 385 कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। रबीउल अव्वल में 100 और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शहर में 57 स्थानों पर नियमित दर्स-ए-कुरआन जारी है। प्रत्येक मस्जिद में कुरआन के अनुवाद व तफ्सीर का सिलसिला शुरू करने और दर्स-ए-हदीस विभाग को और सक्रिय करने पर जोर दिया गया।
3. आगामी कार्यक्रम - 20 अगस्त को संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यशाला, यूथ क्लब का शुभारंभ, मिल्लत फंड को मजबूत करने, विभिन्न क्षेत्रों में प्रभारियों की नियुक्ति और 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भव्य कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
तहफ़्फुज़-ए-मदारिस पर विशेष चर्चा
हाल के दिनों में कुछ मदरसों को संदिग्ध फोन कॉल आने और दस्तावेज मांगे जाने के मामलों पर गहन चर्चा हुई। अधिवक्ता रियासत अली ने कानूनी मार्गदर्शन देते हुए कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित अधिकारी से लिखित नोटिस जरूर लिया जाए और तुरंत जमीयत उलेमा से संपर्क किया जाए।
मुख्य अतिथि मुफ्ती मोहम्मद क़ासिम रज़ी ने कहा कि सामाजिक सुधार, दम्पति प्रशिक्षण कार्यशालाएं, सीरत-ए-नबवी ﷺ, सीरत-ए-सहाबा और इस्लामी इतिहास के प्रचार-प्रसार को तेज किया जाए। उन्होंने मदरसों में वित्तीय और प्रशासनिक पारदर्शिता, संपत्तियों का संस्थान के नाम पर पंजीकरण, नियमित आयकर रिटर्न, ऑनलाइन भुगतान, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अंत में संरक्षक हाजी मोहम्मद हनीफ (मेट्रो) ने पदाधिकारियों की सेवाओं की सराहना की, जबकि अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद जुनैद हक़ी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए संगठनात्मक कार्यों को और तेज करने का आह्वान किया। दुआ के साथ बैठक का समापन हुआ। इस अवसर पर जमीयत उलेमा शहर मेरठ के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, विभिन्न विभागों के जिम्मेदारान, उलेमा, आइम्मा, मदरसा प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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