नित्य संदेश
रक्षाबंधन
देखो सावन की पूर्णिमा आई,
संग में अपने खुशियां लाई।
आज फिर छिड़ेंगे बचपन के तार,
और बढ़ेगा भाई बहन का प्यार।।
रक्षा बंधन सबसे प्यारा त्यौहार,
भाई देता बहनों को उपहार।
बहने अपना श्रेह जताती,
भाई की कलाई पर राखी सजाती।।
वचन बहन की रक्षा का भाई देता,
विपदा बहन की सारी हर लेता।
महक उठता फिर घर आंगन,
लौटा जैसे फिर से बचपन।।
मम्मी पापा खुशी से मुस्कराते,
भांजे भांजी पर में धूम मचाते।
बीते दिन फिर याद दिलाते,
मन को अपने ये हर्षाते।।
सब के अलग अलग मका हो जाते,
भाई-बहन एक दूजे के मेहमा हो जाते।
अक्सर तीज त्यौहार पर ही मिल पाते,
अपना अपना जीवन हाल सुनाते।।
लेकिन है रिश्ता ये पवित्र महान,
भाई बहन एक दूजे की जान।
बना रहे जीवन भर ये सम्मान,
रखे सदा भाई प्रिय बहन का मान।।
—रविंद्र तंवर 'सूर्योदय'
बड़वाह (म. प्र.)


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