एआई से तैयार होगी स्टार्टअप की नई उड़ान, विद्यार्थी निवेशकों को आकर्षित करने की सीखेंगे कला
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्टार्टअप, फंडरेजिंग और उद्यमिता की दुनिया में भी नए अवसर पैदा कर रहा है। इसी दिशा में विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों से परिचित कराने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा बीटेक सीएसई छात्रों के लिए “यूजिंग एआई फॉर फंडरेजिंग एंड इंवेस्टर पिच” विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता दीपांशु रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई के माध्यम से फंडरेजिंग, स्टार्टअप डेवलपमेंट, इन्वेस्टर पिचिंग और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की व्यावहारिक जानकारी दी। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए दीपांशु ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में एक अच्छे बिजनेस आइडिया के साथ उसे सही तरीके से निवेशकों के सामने प्रस्तुत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि निवेशकों के सामने अपनी बात रखने के लिए केवल आइडिया पर्याप्त नहीं है, बल्कि बाजार की जरूरत, समस्या की पहचान एवं उसका समाधान, प्रभावी बिजनेस मॉडल, संभावित ग्राहक, भविष्य की संभावनाएं और निवेश से मिलने वाले परिणामों को स्पष्ट एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना आवश्यक है। इस पूरी प्रक्रिया में एआई को एक उपयोगी सहायक के रूप में अपनाया जा सकता है। दीपांशु ने विभिन्न एआई आधारित टूल्स एवं तकनीकों का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को समझाया कि किस प्रकार एआई की मदद से किसी बिजनेस आइडिया को विकसित और बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रभावी इन्वेस्टर पिच तैयार करने, संभावित निवेश एवं फंडिंग के अवसरों की पहचान करने तथा स्टार्टअप आइडिया को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यशाला में बीटेक के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सक्रिय रूप से सहभागिता की। इस दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञ से एआई टूल्स, स्टार्टअप आइडिया, फंडरेजिंग रणनीतियों और इन्वेस्टर कम्युनिकेशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की। व्यावहारिक उदाहरणों और विशेषज्ञ के अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि तकनीकी ज्ञान को व्यावसायिक अवसरों में कैसे बदला जा सकता है। इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों को एआई, उद्यमिता, नवाचार, फंडरेजिंग एवं इन्वेस्टर कम्युनिकेशन के क्षेत्र में उद्योग आधारित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भविष्य के स्टार्टअप एवं उद्यमिता अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के आयोजन में सुभारती फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. (डॉ.) मनोज कपिल, सीएसई एंड आईटी व एफईटी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) श्रवण गर्ग का सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. संजीव, डॉ. अंकुर, डॉ. अशिमा, डॉ. अमित, डॉ. तरुण एवं डॉ. दिव्या ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से कार्यशाला का समन्वयन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थित रहे।

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