नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने एक सितंबर को कमिश्नरी चौराहे पर कमिश्नरी घेराव और विशाल किसान मजदूर महापंचायत का ऐलान किया है। भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि अब हमारा धैर्य जवाब दे चुका है, जिला स्तर पर समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ।
जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने आह्वान किया है कि समस्या समाधान होने पर ही घर वापसी होगी। समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना चलेगा, अन्यथा जेल भरो आंदोलन होगा। महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने के लिए जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने सरधना, रोहटा, जानी, डूंगर, जटपुरा, कलीना समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में किसानों से संपर्क कर महापंचायत के लिए जागरूक किया।
किसानों की प्रमुख समस्याएं -
जनसंपर्क के दौरान किसानों ने सैकड़ों जिला स्तरीय समस्याएं गिनाईं। प्रमुख रूप से - बिजली लोड जबरन बढ़ाना, लोड बढ़ाकर पेनल्टी लगाना, अधिक बिजली बिल भेजना, स्मार्ट मीटर लगाना, ट्यूबवेल की बिजली रात 12 बजे देना, ट्यूबवेलों पर चोरी, खाद समितियों में खाद न मिलना, दो बोरी से ज्यादा खाद न देना, खाद पर कालाबाजारी और लोन पर ब्याज वसूली में बड़ा घोटाला, चीनी महंगी होने के बाद भी किसानों को बोनस न मिलना, गन्ना भुगतान और गन्ना मूल्य, नगर निगम सीमा में शामिल गांवों में भेदभाव और बदहाली, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में 6 महीने लगना और भ्रष्टाचार, तालाबों की सफाई न होना, तहसीलों में विरासत, नामांतरण, अंश निर्धारण के नाम पर अवैध वसूली, जिला अस्पताल और मेडिकल में इलाज न मिलना, सीएचसी-पीएचसी पर डॉक्टर और सुविधाओं का अभाव, पशुपालन विभाग में टीकाकरण न होना।
जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि खाद समितियों में ब्याज वसूली और खाद कालाबाजारी के सबूत किसानों ने उन्हें सौंपे हैं। अनुराग चौधरी ने कहा कि 21 जुलाई को जिलाधिकारी वी.के. सिंह को ज्ञापन देकर जिला मुख्यालय का घेराव किया गया था और समस्याओं के समाधान के लिए 40 दिन का समय दिया गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इससे किसानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी समेत जिला स्तरीय अधिकारी किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं और किसानों के साथ उचित व्यवहार नहीं करते। फोन करने पर अधिकारी का सहायक फोन उठाकर कहता है साहब व्यस्त हैं। सरकारी नंबर पर अधिकारी बात करना पसंद नहीं करते।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों को प्राथमिकता देने की बात कहते हैं, लेकिन अधिकारी किसानों का असम्मान कर रहे हैं। अब किसानों के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। अधिकारी ही किसानों को आंदोलन करने के लिए बाध्य कर रहे हैं। एक सितंबर को कमिश्नरी चौराहे पर मंडलायुक्त का घेराव कर किसान मजदूर महापंचायत में समस्याओं का समाधान लिया जाएगा। किसानों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। आज के अभियान में जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के साथ मोनू, सुरेंद्र सिंह, बबलू, सुनील, सत्ते, देशपाल, सत्यवीर सिंह, बिट्टू आदि मौजूद रहे।

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