नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की समिति द्वारा आज मेरठ के विभिन्न राजकीय संरक्षण गृहों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
समिति ने राजकीय बालगृह बालक (सूरजकुंड), राजकीय बालगृह शिशु, राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर, राजकीय महिला शरणालय और राजकीय पाश्चात्वर्ती देखरेख संगठन, मेरठ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान समिति ने सम्प्रेक्षण गृह और बालगृहों में निरुद्ध किशोरों व बालकों को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में राजकीय महिला शरणालय और पाश्चात्वर्ती देखरेख संगठन में संवासिनियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, भोजन, चिकित्सा, शिक्षा, आवासीय व्यवस्था और स्वच्छता का निरीक्षण किया गया। समिति ने संवासिनियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को सुना और अधिकारियों को नियमानुसार सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समिति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निरुद्ध किशोरों, बालकों और संवासिनियों के अधिकारों और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न हो और शासन एवं विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर शिवानी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम-प्रथम, रमेश कुशवाहा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-19, सोनिका वर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेरठ एवं श्री शिखर अग्रवाल, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड मेरठ उपस्थित रहे।
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