
• कार्यक्रम के अन्तर्गत बीएसएसएस के बैंड ने दी म्यूजिकल प्रस्तुति
• किशोर के सदाबहार तरानों पर झूमे एमसीयू के विद्यार्थी
प्रो. पवित्र श्रीवास्तव
नित्य संदेश, भोपाल। कह दूँ तुम्हें या चुप रहूं, मेरे मेहबूब क़यामत होगी, रूप तेरा मस्ताना प्यार मेरे दीवाना... ये सुरीले गाने सुनकर हरफ़नमौला अभिनेता-गायक किशोर कुमार का चुलबुलापन और रोमांस याद आ जाता है...


माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय और संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ‘ये शाम मस्तानी’ अंतर महाविद्यालयीन संगीत प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हरफनमौला कलाकार एवं गायक स्व. श्री किशोर कुमार के गीतों का जमकर आंनद लिया।

बैंड द्वारा कोरा कागज था ये मन मेरा, पल पल दिल के पास, इन्तहाँ हो गई, प्यार हमें यह किस मोड़ पे ले आया, ओ मेरे दिल के चैन, अरे दीवानों मुझे पहचानो, खाई के पान बनारस वाला, सारा जमाना हसीनों का दीवाना और एक हसीना थी एक दीवाना था जैसे मशहूर और तड़कते फड़कते रोमांटिक गानों ने हर किसी को थिरकने और गुनगुनाने पर मजबूर कर दिया।

इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी ने बैंड के सदस्यों को बधाई देते हुए किशोर कुमार के कुछ मशहूर नगमों का उल्लेख करते हुए अपनी बात रखी।


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन सांस्कृतिक समन्यक डॉ. उर्वशी परमार एवं श्री विवेक सावरीकर द्वारा किया गया।
(खबरदाता - विभागाध्यक्ष, जनसम्पर्क)
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