नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। देवी अहिल्या म्यूजिक ग्रुप द्वारा पार्श्व गायक स्वर्गीय किशोर कुमार का जन्मदिवस 51 गीतों की प्रस्तुति के साथ मनाया गया शहर के गणमान्य संगीत समूह के प्रतिनिधियों द्वारा बेहतरीन युगल एवं एकल प्रस्तुतियां दी गई ।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध गजल गायक सतनाम सिंह जी (रागी एल आई जी गुरुद्वारा )एवं हनी पांडे जी को स्वागत कर सम्मानित किया गया।
रमेश कुशवाह एवं कमलेश चौहान द्वारा तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती, महेंद्र श्रीवास्तव एवं हिमांगी तिवारी द्वारा कल की हंसी मुलाकात के लिए, सुभाष पालीवाल एवं हिमांगी तिवारी द्वारा जाने कैसे कब कहां, राजेश राजपूत और लीना श्रीवास द्वारा कोरा कागज था यह मन मेरा, अश्विन दीपक एवं विनेश खरे द्वारा एक हसीना थी, योगेश दुबे द्वारा मेरे महबूब कयामत होगी, शेर सिंह अमरोदिया एवं मैथ्यू मैडम के द्वारा मैं एक चोर तू मेरी रानी , पार्वती जौहरिया एवं रमेश कुशवाह द्वारा पन्ना की तमन्ना है, आशीष जायसवाल एवं लक्ष्मी गुप्ता द्वारा तू तू है वही, जय भट्ट एवं शेरसिंह अमरोदिया द्वारा जीवन के हर मोड़ पर, रजनी श्रीवास्तव नितिन कानूनगो द्वारा गुम है किसी के प्यार में , मयंक थनवार एवं मैथ्यू मैडम द्वारा आपकी आंखों में कुछ, अनीता पटेल एवं विनोद व्यास द्वारा शायद मेरी शादी का ख्याल, राकेश चिंतामण एवं पार्वती जोहारिया द्वारा वादा करो नहीं छोड़ोगे तुम मेरा साथ, डॉ सपना जैन एवं प्रमोद पारे द्वारा तुम्हें छोड़कर अब, नितिन कानूनगो एवं माधवी द्वारा आज रपट जाए तो, प्रो एल एन राव एवं लीना श्रीवास द्वारा कांची रे कांची रे प्रीत तेरी सांची, महेंद्र श्रीवास्तव एवं निर्मला परमार द्वारा सागर किनारे दिल ये पुकारे जैसे श्रेष्ठ युगल प्रस्तुत किए वहीं सुनील बोर्डे द्वारा नीले नीले अंबर पर, विनोद व्यास द्वारा किसका रस्ता देखे, सुभाष पालीवाल द्वारा घुंघरू की तरह बजता ही रहा हूं , राजेश वर्मा ये शाम मस्ती, आशीष जायसवाल द्वारा मेरी उम्र के नौजवानों, शेर सिंह अमरोदिया द्वारा मेरे दिल ने तड़प के,, राम पाटीदार द्वारा भोले ओ भोले, विजेंद्र दीक्षित द्वारा मेरे नैना सावन भादो, सुल्तान किरमानी द्वारा चिंगारी कोई भड़के, सुधीर वर्मा द्वारा मेरी भीगी भीगी सी, रमेश वारे द्वारा मेरे नसीब में दोस्त तेरा प्यार, राकेश चिंतामणि द्वारा हमें और जीने की चाहत, कमलेश द्वारा प्यार दीवाना होता है, माहेश्वरी द्वारा धीरे से जाना खटियन में, राजेंद्र खरे द्वारा दिल क्या करे जब किसी से और अंत में प्रमोद पारे जी द्वारा बहनों को समर्पित गीत फूलों का तारों का सबका कहना है गाकर कर आंखे नम कर दी।
कार्यक्रम का संचालन श्री रमेश कुशवाह ने एवं अंत में आभार महेंद्र श्रीवास्तव ने माना।


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