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Saturday, August 29, 2026

भाकियू का 1 सितंबर को कमिश्नरी घेराव और किसान महापंचायत का ऐलान, जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने गांव-गांव जाकर किया जनसंपर्क


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) मेरठ इकाई ने जिला प्रशासन पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 1 सितंबर को कमिश्नरी घेराव और विशाल किसान-मजदूर महापंचायत का ऐलान किया है। भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा है कि अब किसानों का धैर्य जवाब दे चुका है और समाधान होने तक घर वापसी नहीं होगी।

जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि 21 जुलाई को जिलाधिकारी वी.के. सिंह को ज्ञापन सौंपकर जिला मुख्यालय का घेराव किया गया था और समस्याओं के समाधान के लिए 40 दिन का समय दिया गया था। समय सीमा बीतने के बाद भी समाधान न होने से किसानों में भारी आक्रोश है। इसी के चलते किसानों ने कमिश्नरी घेराव का निर्णय लिया है। महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने के लिए जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी द्वारा जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जांगेठी, फखरपुर, कब्त्ता, खेदा, बलरामपुर, चंदसारा, चांदपुरा, खानपुरा, कंकरखेड़ा, परतापुर, खरखौदा समेत एक दर्जन गांवों में किसानों से संपर्क कर समस्याओं पर चर्चा की।

किसानों की प्रमुख मांगें और समस्याएं -
किसानों ने बताया कि बिजली के लोड को जबरन बढ़ाना, लोड बढ़ाकर पेनल्टी लगाना, अधिक बिजली बिल भेजना, स्मार्ट मीटर लगाना, ट्यूबवेल को रात 12 बजे बिजली देना और ट्यूबवेल पर आए दिन चोरी होना प्रमुख समस्या है।

इसके अलावा खाद समितियों में खाद न मिलना, दो बोरी से ज्यादा खाद न देना, खाद की कालाबाजारी, लोन पर अधिक ब्याज वसूली और ब्याज वसूली में घोटाला, चीनी महंगी होने के बावजूद किसानों को बोनस न मिलना, गन्ना भुगतान और गन्ना मूल्य न बढ़ना, नगर निगम सीमा में शामिल गांवों में भेदभाव और बदहाल स्थिति, तालाबों की सफाई न होना और मछली पालन के टेंडर से किसानों को परेशानी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में 6 महीने तक का समय और भ्रष्टाचार, तहसीलों में विरासत, नामांतरण और अंश निर्धारण के नाम पर अवैध वसूली, जिला अस्पताल, मेडिकल, सीएचसी-पीएचसी में डॉक्टरों और सुविधाओं का अभाव, पशुपालन विभाग में टीकाकरण न होना जैसी सैकड़ों जिला स्तरीय समस्याएं हैं।

जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी समेत जिले के अधिकारी किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं और किसानों के साथ उचित व्यवहार नहीं करते। फोन करने पर अधिकारी के सहायक द्वारा यह कहकर टाल दिया जाता है कि साहब व्यस्त हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 1 सितंबर को कमिश्नरी चौराहे पर मंडलायुक्त का घेराव कर किसान मजदूर महापंचायत की जाएगी। समस्याओं का समाधान होने पर ही किसान घर लौटेंगे, अन्यथा अनिश्चितकालीन धरना चलेगा और जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों को प्राथमिकता देने की बात कहते हैं, लेकिन अधिकारी किसानों का सम्मान नहीं कर रहे हैं, जिससे किसान आंदोलन के लिए बाध्य हो रहे हैं। जनसंपर्क अभियान के दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के साथ हर्ष चाहल, विपुल, विनय, प्रशांत त्यागी, बबलू गुर्जर आदि मौजूद रहे।

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