-रवि गौतम ने पुलिस-प्रशासन को दिया 3 दिन का अल्टीमेटम, बना रहा तनाव
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड
और 8 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हुई पिटाई, गिरफ्तारी व मुकदमे के विरोध में रविवार
को कमिश्नरी पार्क में बुलाई गई दलित महापंचायत के दौरान दिन भर तनाव और गहमा-गहमी
बनी रही।
महापंचायत युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम द्वारा बुलाई गई थी। रवि गौतम ने आरोप लगाया कि महापंचायत में आने वाले उनके हजारों समर्थकों को जिले की सीमाओं पर पुलिस ने रोक दिया और कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया गया। मंच से एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले और एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपते हुए रवि गौतम ने कहा कि दलित छात्रा के परिवार को न्याय मिले, प्रदर्शन के दौरान पीटने वाले पुलिस अफसरों पर कार्रवाई हो और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 3 दिन में तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे। उनका धरना 19 अगस्त से कमिश्नरी पार्क में लगातार जारी है। महापंचायत के दौरान कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब कुछ युवा पार्क की दीवार फांदकर सड़क की ओर दौड़ पड़े। पुलिस ने तुरंत उन्हें रोककर सड़क जाम न करने की अपील की। वहीं कमिश्नरी चौराहे पर कुछ युवकों द्वारा दरोगा पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश का मामला भी सामने आया।
एसपी
सिटी विनायक गोपाल भोसले ने भीड़ को अनाउंसमेंट कर शांति बनाए रखने की अपील की और कहा
- "किसी के बहकावे में मत आइए, मेरठ की शांति और कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास
न करें, कोई भी पुलिसकर्मी बदतमीजी नहीं करेगा।" साथ ही ड्यूटी से गायब मिले
7 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। महापंचायत का संचालन अजय प्रधान
एडवोकेट और गोपाल प्रधान ने किया। मंच से समता मूलक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक
जाटव, सपा एससी-एसटी प्रकोष्ठ से राहुल भारती, किशन सिंह जाटव, भारतीय किसान यूनियन
चढूनी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भदौरी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
भीड़ उम्मीद से कम
रवि गौतम द्वारा सोशल मीडिया पर
पिछले 4 दिनों से भीड़ जुटान का दावा किया जा रहा था, लेकिन महापंचायत में करीब
150 लोग ही जुट पाए। दलित समाज का कोई बड़ा चेहरा मंच पर नहीं पहुंचा। इसके उलट सुरक्षा
में करीब 500 पुलिस और आरएएफ के जवान तैनात रहे, ड्रोन से निगरानी की गई और कमिश्नरी
चौराहे की ओर आने वाले हर रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई।
पीड़ित परिवार ने किया किनारा
महापंचायत से पहले मृतका छात्रा
ललिता गौतम के पिता वेदप्रकाश का वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा - "मेरी
बेटी की हत्या को लेकर राजनीति की जा रही है। इस महापंचायत से मेरा कोई लेना-देना नहीं
है। मेरी बेटी के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।"

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