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Thursday, July 2, 2026

एसडीपीआई उत्तर प्रदेश ने प्रदेश उपाध्यक्ष रिफाक़त हुसैन की गिरफ्तारी का किया कड़ा विरोध, तत्काल रिहाई की मांग



इकराम चौधरी 

नित्य संदेश, किठौर। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने मेरठ जनपद के थाना किठौर पुलिस द्वारा पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रिफाक़त हुसैन को अवैधानिक गिरफ्तार करके चालान किए जाने की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे आनैतिक, असंवैधानिक तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है।

महेंद्र सिंह ने कहा कि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया भारत निर्वाचन आयोग एवं उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल है। पार्टी की जिला कार्यकारिणी की आंतरिक बैठक 02 जुलाई 2026 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश कैंप कार्यालय, मुंशी ख़ान बिल्डिंग, गढ़ रोड, किठौर, मेरठ में प्रस्तावित थी। परन्तु  किठोर थानाध्यक्ष द्वारा  मिटींग पर आपत्ति जताए और रोक लगाए जाने के बाद पार्टी के जिला अध्यक्ष रिजवान त्यागी ने जिला कार्यकारिणी जिसमें कुल 11 सदस्य हैं की उक्त प्रस्तावित बैठक को स्थगित कर दिया था। इसके बावजूद थाना किठौर पुलिस द्वारा पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश कैंप कार्यालय, जो कि प्रदेश उपाध्यक्ष रिफाक़त हुसैन का आवास भी है, पहुंचकर उन्हें बिना किसी स्पष्ट एवं वैधानिक कारण के गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल की सीमित संख्या वाली आंतरिक संगठनात्मक बैठक के लिए, जो पार्टी कार्यालय में आयोजित की जा रही हो, सामान्यतः किसी पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। ऐसी स्थिति में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई न केवल अनावश्यक बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक अधिकारों के विपरीत है। उन्होंने प्रश्न किया एक राजनैतिक पार्टी अपने आन्तरिक मीटिंग अपने कार्यालय में नहीं करेगी तो कहां करेगी।

महेंद्र सिंह ने बताया कि इस पूरे प्रकरण को लेकर एसडीपीआई उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव मोहम्मद नदीम ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को एक विस्तृत पत्र प्रेषित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा प्रदेश उपाध्यक्ष रिफाक़त हुसैन की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की है। पत्र की प्रति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।

एसडीपीआई उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन से मांग करती है कि इस मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा रिफाक़त हुसैन को तत्काल रिहा किया जाए। यदि इस प्रकार की लोकतंत्र-विरोधी एवं दमनात्मक कार्रवाई जारी रहती है, तो पार्टी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहकर व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


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