नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देने
की पहल के तहत मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एमआईईटी) में इलेक्ट्रॉनिक्स
एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत सी-डैक नई दिल्ली के सहयोग से सेंटर ऑफ
एक्सीलेंस इन साइबर सिक्योरिटी का शुभारंभ किया गया। यह केंद्र साइबर सुरक्षा के क्षेत्र
में अनुसंधान, प्रशिक्षण और उद्योग-अकादमिक सहयोग का प्रमुख केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सी-डैक नई दिल्ली के सेंटर हेड
एवं वैज्ञानिक-जी जितेंद्र सिंह ने कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल आईटी का विषय नहीं,
बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक मजबूती और डिजिटल विश्वास की आधारशिला बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि एमआईईटी और सी-डैक का यह संयुक्त प्रयास देश के लिए विश्वस्तरीय साइबर
सुरक्षा विशेषज्ञ तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एमआईईटी के वाइस चेयरमैन
गौरव अग्रवाल ने बताया कि यह सेंटर एआई आधारित साइबर हमलों, रैनसमवेयर और अन्य उभरते
साइबर खतरों से निपटने के लिए विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
यहां नेटवर्क सिक्योरिटी, पेनिट्रेशन टेस्टिंग, वल्नरेबिलिटी असेसमेंट, इंसिडेंट रिस्पॉन्स,
थ्रेट इंटेलिजेंस और साइबर डिफेंस जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण और शोध
कार्य किए जाएंगे।
एमआईईटी के निदेशक प्रो. (डॉ.) एसके सिंह ने कहा कि संस्थान
अगले तीन से चार वर्षों में इस केंद्र को वैश्विक स्तर के साइबर सुरक्षा अनुसंधान एवं
नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत विशेष प्रमाणन
कार्यक्रम, उद्योग सहयोग और संयुक्त शोध परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। कार्यक्रम में
सी-डैक के वैज्ञानिकों, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने भी
भाग लिया तथा डिजिटल भारत को सुरक्षित बनाने में ऐसे केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका
पर जोर दिया।

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