- मुहर्रम के सोग में शामिल होने पहले से ही ईरान पहुंचे हुए हैं मेरठ के कई शिया मुसलमान
सलीम सिद्दीकी
नित्य संदेश, मेरठ। ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस अंतिम संस्कार में पूरी दुनिया से लगभग दो करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। भारत से बिहार के राज्यपाल सय्यद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गरिटा आयतुल्लाह खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। जहां दुनिया भर से शिया मुसलमान ईरान पहुंचना शुरू हो गए हैं वहीं मेरठ से भी कुछ शिया मुसलमानों के इस अंतिम संस्कार में शामिल होने की सूचना है। हालांकि मेरठ से बड़ी संख्या में शिया मुसलमान ईरान में आयोजित होने वाले दुनिया के अब तक के सबसे बड़े माने जा रहे अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहते हैं लेकिन कुछ मजबूरियों के चलते वह इसमें शामिल नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि मुहर्रम के सोग में शामिल होने के लिए मेरठ से काफी संख्या में शिया मुसलमान पहले ही ईरान पहुंचे हुए हैं।
बताया जाता है कि मेरठ से ईरान गए हुए यह सभी शिया मुसलमान इस जनाजे में शामिल होंगे। उधर मेरठ से कुछ और शिया मुसलमानों के इस जनाजे में शामिल होने के लिए ईरान रवाना होने की भी सूचना है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिली है। बता दें कि अयातुल्लाह खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलेगा। उनका पार्थिव शरीर 4 और 5 जुलाई को तेहरान में अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 6 जुलाई को तेहरान से उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी जो ईरान के एक अन्य धार्मिक शहर कुम पहुंचेगी। कुम के बाद खामेनेई का पार्थिव शरीर जनाजे के रूप में नजफ और करबला ले जाया जाएगा। अंत में उनका जनाजा 9 जुलाई को धार्मिक शहर मशहद पहुंचेगा। यहां शिया मुसलमानों के आठवें इमाम (इमाम रजा) का मकबरा है और इसी मकबरा परिसर में खामेनेई का शव सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। मेरठ के कुछ शिया मुसलमानों का यह भी मानना है कि 2 करोड़ लोगों की जो भीड़ होगी उनके दिलों में गम और गुस्सा भी होगा, लिहाजा इस बात की भी आशंका है कि इस दौरान कोई अनहोनी या हादसा न हो जाए। इसलिए वह मेरठ से ही अयातुल्लाह खामेनेई को नम आंखों से खिराज ए अकीदत पेश करेंगे।

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