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Saturday, June 27, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर में रखी एसएईएल लिमिटेड की इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की आधारशिला

नित्य संदेश ब्यूरो

जेवर। वर्टिकली इंटीग्रेटेड रिन्युएबल एनर्जी कंपनी, एसएईएल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने आज उत्तर प्रदेश के जेवर में अपनी इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की आधारशिला रखी। यह प्रोजेक्ट कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, एसएईएल सोलर पी6 प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह भारत में क्लीन एनर्जी ट्रांज़िशन की ओर कंपनी की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


शिलान्यास समारोह उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता "नंदी"  जेवर, गौतमबुद्धनगर के विधायक धीरेन्द्र सिंह वाईईआईडीए और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी; वरिष्ठ सरकारी अधिकारी; उद्योग जगत के दिग्गज; और एसएईएल की लीडरशिप टीम के सदस्य भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर एसएईएल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के को-फ़ाउंडर एवं डायरेक्टर सुखबीर सिंह ने कहा, आज का शिलान्यास समारोह के सफर में एक महत्वपूर्ण क्षण है। हम 8,200 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश के साथ जेवर में 5 गीगावॉट सोलर सेल और 5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रहे हैं। यह केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश नहीं है, बल्कि इससे भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भी मिलेगी। आज, उत्तर प्रदेश भारत के सबसे तेजी से विकस्तित हो रहे राज्यों में से एक है। हम 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के अपने लक्ष्य के करीब जा रहे हैं। हमें गर्व है कि हम राज्य के विकास के इस सफर का एक हिस्सा हैं। इसके लिए हम उत्तर प्रदेश सरकार, वाईईआईडीए और सभी स्टेकहोल्डर्स के बहुत आभारी हैं।"


एसएईएल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के सीईओ एवं एक्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर लक्षित अवला ने कहा, "जेवर प्रोजेक्ट भारत में रिन्युएबल एनर्जी के भविष्य और एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के रूप में उत्तर प्रदेश पर का भरोसा प्रदर्शित करता है। देश में जैसे-जैसे स्वदेशी सोलर प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ेगी, यह यूनिट भारत में सोलर सप्लाई चेन को मजबूत करती जाएगी। इससे क्षेत्र को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। लार्ज स्केल सोलर सेल और मॉड्यूल एक ही जगह बनाकर हम जो क्षमताएं विकसित कर रहे हैं, वो सोलर सेक्टर में वर्टिकल इंटीग्रेशन की मिसाल स्थापित करेंगी।"

यह प्रोजेक्ट गौतम बुद्ध नगर में (यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) के सेक्टर 8 में 200 एकड़ में फैला है। इसे एक इंटीग्रेटेड 5 गीगावॉट सोलर सेल और 5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के तौर पर विकसित किया जा रहा है। एक बार चालू होने के बाद, यह 10 गीगावॉट का सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम भारत में बढ़ती औद्योगिक जरूरतों को पूरा करेगा। इस प्रोजेक्ट से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करने के उत्तर प्रदेश के लक्ष्य में मदद मिलेगी। यह क्लीन एनर्जी इंडस्ट्रीज़ केंद्र के रूप में राज्य की बढ़ती भूमिका को प्रदर्शित करता है।

इस यूनिट से 5,000 प्रत्यक्ष और 15,000 अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा। औद्योगिक गतिविधि, सहायक उद्योगों और बुनियादी ढांचे के विकास में मदद मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। इस यूनिट का काम पूरा होने के बाद भारत में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी द्वारा हाई-एफिशिएंसी सोलर सेल और टॉपकॉन मॉड्यूल बनाए जा सकेंगे, जिससे भारत के तेजी से विकसित होते हुए रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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