नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। कंकरखेड़ा शिवलोक स्थित किसान गर्ल्स इंटर कालेज में वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति की मासिक बैठक संपन्न हुई जिसमें समिति के कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी दी गई। समिति की आगे की योजनाओं पर चर्चा की गई।
"महिला सहभागिता: परिवार से राष्ट्र निर्माण तक" विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिस पर सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए। जयवीर सिंह एवं गोवर्धन पाल के विचार थे कि परिवार में मां, बच्चे को बोलना सिखाती है, उसे संस्कार देती है।सत्य का बोध कराती है इस कारण वह उसकी प्रथम गुरु भी है इसलिए बच्चों पर मां का दायित्व अधिक होता है।
राजीव गुप्ता एवं यशपाल सिंह जांगिड़ ने कहा कि महिलाएं समाज की धुरी है, परिवार को एक सूत्र में बांध कर रखती है। महिलाओं की सहभागिता के बिना सशक्त एवं समृद्ध भारत का निर्माण नहीं हो सकता।
समिति अध्यक्ष महेन्द्र कुमार रस्तौगी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का निर्माण केवल पुरुषों के प्रयासों से नहीं अपितु महिलाओं और पुरुषों की समान सहभागिता से ही संभव है। महिला को एक पुरुष की तुलना में कम नहीं आंका जाना चाहिए।अभी हाल में ही सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवजे में एक महिला की मृत्यु उपरांत अपने निर्णय में कहा कि महिलाएं राष्ट्र निर्माता है। वह अपना पूरा समय परिवार को देने,खाना बनाने, सफाई, बच्चों की परवरिश,घर के बुजुर्गों की देखभाल,बजट प्रबंधन जैसे अनेकों काम करती है जिनका मूल्यांकन 30000/-रुपये प्रति माह होना चाहिये। यदि इसे देश की जीडीपी में सम्मिलित किया जाये तो उनका योगदान लगभग 15-17% है।
इस अवसर पर विमलकांत कौशिक,मुलख राज, सत्यपाल सिंह,सुमन कांत अरोरा, केवल भसीन, राम गोपाल शर्मा, श्याम सुंदर भाटिया, जयभगवान सिंघल, शशि बाला, हेमलता, कुसुम लता, आशा शर्मा आदि उपस्थित रहे।
महेंद्र कुमार रस्तौगी "अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति कंकरखेड़ा"
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