• खेल, संस्कार एवं भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित प्रेरणादायी आयोजन
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। एसजीएसआईटीएस में हुआ एकलव्य' प्रतिमा का भव्य अनावरण श्री गोविन्दराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (SGSITS), इंदौर के छात्र संघ द्वारा संचालित एकलव्य खेल स्पर्धा मंच के तत्वावधान में संस्थान परिसर स्थित क्रिकेट मैदान में 30 जून 2026 को सायं 5:45 बजे 'एकलव्य' की भव्य प्रतिमा का अनावरण समारोह आयोजित किया गया।
इस गरिमामयी समारोह के मुख्य अतिथि अभय महाजन, संगठन मंत्री, दीनदयाल शोध संस्थान, चित्रकूट होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय पुरुष राष्ट्रीय हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर, अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मीर रंजन नेगी समारोह की शोभा बढ़ाएंगे।
भारतीय संस्कृति में एकलव्य समर्पण, अनुशासन, आत्मविश्वास, आत्मबल, निष्ठा, साधना और उत्कृष्टता के सर्वोच्च प्रतीक माने जाते हैं। उनकी प्रतिमा का अनावरण केवल एक स्मारक की स्थापना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मन में खेल भावना, आत्मानुशासन, राष्ट्रभक्ति, गुरु के प्रति सम्मान तथा आत्मनिर्भरता जैसे जीवन मूल्यों के संवर्धन का एक प्रेरणादायी प्रयास है।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी, पूर्व विद्यार्थी, छात्र-छात्राएँ तथा खेल एवं शिक्षा जगत से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
संस्थान के निदेशक प्रो नीतेश पुरोहित ने कहा कि एसजीएसआईटीएस सदैव तकनीकी उत्कृष्टता के साथ-साथ चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व के विकास को भी समान महत्व देता है। 'एकलव्य' की प्रतिमा हमारे विद्यार्थियों को यह प्रेरणा देगी कि सीमित संसाधनों में भी दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के माध्यम से असाधारण उपलब्धियाँ प्राप्त की जा सकती हैं। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत बनेगी।
मुख्य अतिथि श्री अभय महाजन ने कहां कि भारत की शिक्षा परंपरा केवल ज्ञान अर्जन तक सीमित नहीं रही, बल्कि जीवन मूल्यों के निर्माण की आधारशिला रही है। एकलव्य का जीवन आत्मसमर्पण, स्वाध्याय और राष्ट्रभाव का अनुपम उदाहरण है। तकनीकी शिक्षा के साथ यदि ऐसे आदर्श विद्यार्थियों के जीवन में उतरें, तो वे केवल सफल अभियंता ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उत्तरदायी नागरिक भी बनेंगे।
विशिष्ट अतिथि मीर रंजन नेगी ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और संघर्षशीलता का सर्वोत्तम विद्यालय है। एकलव्य की प्रतिमा प्रत्येक खिलाड़ी और विद्यार्थी को यह संदेश देगी कि समर्पण, निरंतर अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव भी संभव बनाया जा सकता है।
यह आयोजन एसजीएसआईटीएस में खेल संस्कृति, युवा नेतृत्व, नैतिक मूल्यों एवं भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। संस्थान परिवार ने सभी पूर्व विद्यार्थियों, विद्यार्थियों, खेल प्रेमियों तथा नागरिकों से इस ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
उप निदेशक (खेल) मनीष जायसवाल ने कहा कि एसजीएसआईटीएस में खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और जीवन मूल्यों के विकास का सशक्त आधार है। 'एकलव्य' की प्रतिमा हमारे खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को यह सतत प्रेरणा देगी कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समर्पण, निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प सबसे बड़े साधन हैं। हमें विश्वास है कि यह प्रतिमा संस्थान में उत्कृष्ट खेल संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
कार्यक्रम का संचालन क्षितिज पांडे जी द्वारा किया गया।



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