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Saturday, June 27, 2026

योगी सरकार के मिशन से मेरठ की महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर

• मूर्ति निर्माण का प्रशिक्षण देकर खुलवाए जा रहे हैं नए स्टार्टअप


लियाकत मंसूरी

नित्य संदेश, मेरठमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की योजनाएं अब धरातल पर असर दिखाने लगी हैं। मेरठ के नंगली गांव में बड़ी संख्या में महिलाओं को मूर्ति निर्माण का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण उपरांत इन महिलाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से स्टार्टअप शुरू कराकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की तैयारी चल रही है।


साधारणपुर नंगली में मूर्ति निर्माण कला के प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन नाबार्ड, लीड बैंक और जिला प्रशासन के द्वारा संयुक्त रूप से अक्ष एजुकेशन सोसाइटी के साथ संचालित किया जा रहा है। सोसाइटी सचिव दीपक विकल ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बीस दिवसीय मूर्ति निर्माण कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां प्रशिक्षण तीन बैच में प्रदान किया जा रहा है। प्रत्येक बैच में तीस महिलाओं को शामिल किया गया है। इन दिनों रेजिन की मूर्तियां बनाना सिखाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी सोनिया ने स्वयं सहायता समूह बनाकर सफल स्टार्टअप स्थापित किया है। अब उनका सालाना कारोबार लाखों रुपये का है। जिला प्रशासन की ओर से प्रशिक्षण के बाद छह महीने तक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए हर तरीके से मदद की जाती है। इस दौरान उनके द्वारा तैयार की गई मूर्तियों को बेचने के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही मूर्ति कला स्टार्टअप शुरू करने के लिए बैंकों की ओर से वित्तीय मदद भी प्रदान की जाती है। उन्हें विभिन्न ट्रेड फेयर में स्टॉल उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का भी प्रयास किया जाता है।

बीस मिनट में बन जाती है एक मूर्ति

प्रशिक्षण ले रही बबीता ने बताया कि गांव की कई महिलाओं ने पहले मूर्ति निर्माण का प्रशिक्षण लेकर अपना कारोबार शुरू किया था। आज उनके साथ 10 से अधिक महिलाएं जुड़कर काम कर रही हैं और उनका सालाना कारोबार लाखों रुपये तक पहुंच चुका है। इससे प्रेरित होकर उन्होंने भी प्रशिक्षण लेने का निर्णय लिया। वर्तमान में 50 से अधिक महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। 

प्रशिक्षु संजना ने बताया कि घर की जिम्मेदारियों के कारण बाहर नौकरी करना संभव नहीं था। ऐसे में मूर्ति निर्माण का प्रशिक्षण उनके लिए बेहतर विकल्प साबित हुआ। उन्होंने बताया कि घरेलू कार्य निपटाने के बाद वह प्रशिक्षण लेती हैं और अब स्वयं मूर्तियां तैयार कर आमदनी भी करने लगी हैं। वहीं हिना ने बताया कि एक मूर्ति तैयार करने में लगभग 20 मिनट का समय लगता है और बाजार में इनकी अच्छी मांग रहती है।

ये कहना है डीएम का

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह का कहना है कि योगी सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना है। मेरठ में विभिन्न विभागों और संस्थाओं के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को बाजार, वित्तीय सहायता और विपणन की सुविधाएं भी मिलें, जिससे वे सफल उद्यमी बन सकें।


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