नित्य संदेश, इंदौर। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए इंदौर में अब हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर सख्ती और जागरूकता अभियान साथ-साथ चलेंगे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तेज की जाए और सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता में देश में पहचान बनाई है,अब सड़क सुरक्षा में भी नंबर-1 बनने का लक्ष्य तय करना होगा।
बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा,नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
न्यायमूर्ति सप्रे ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन बचाने की सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच हैं। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों,सामाजिक संगठनों और मीडिया से अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने की अपील की।
बैठक में सड़क इंजीनियरिंग और ब्लैक स्पॉट्स की भी समीक्षा की गई। न्यायमूर्ति सप्रे ने निर्देश दिए कि बुधवार से ही शहर की सड़कों के गड्ढों का सर्वे शुरू कर उन्हें भरने का अभियान चलाया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी गुणवत्ता वाली सड़कें बनाई जाएं, जहां गड्ढे और ब्लैक स्पॉट बनने की संभावना न्यूनतम हो। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है और एक जागरूक नागरिक कई जिंदगियां बचा सकता है।





No comments:
Post a Comment