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• 86 प्रतिशत ने दी फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा, मेरठ में 14 केंद्रों पर सघन जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को मिला प्रवेश
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने की दिशा में चल रही भर्ती प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ की ओर से फार्मासिस्ट मुख्य परीक्षा-2026 का आयोजन किया गया। सोमवार को मेरठ के 14 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा सकुशल तरीके से संपन्न हुई।
परीक्षा में कुल 6,768 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित परीक्षा में सभी अभ्यर्थियों को सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। इस दौरान 86.5 प्रतिशत अर्थात 5854 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। प्रदेश सरकार युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों में नियमित भर्ती परीक्षाएं आयोजित करा रही है। इसी क्रम में फार्मासिस्ट मुख्य परीक्षा का आयोजन भी पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था के साथ किया गया। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए, जिन्हें हल करने के लिए 120 मिनट का समय निर्धारित था। परीक्षा में एक-चौथाई निगेटिव मार्किंग लागू होने के कारण कई अभ्यर्थियों ने केवल उन्हीं प्रश्नों के उत्तर दिए, जिनके प्रति उन्हें पूरा विश्वास था।
मेरठ मेट्रो और सुपर कंप्यूटर पर आधारित प्रश्न पूछे
प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान, कंप्यूटर और उत्तर प्रदेश से जुड़े समसामयिक विषयों को प्रमुखता दी गई। अभ्यर्थियों से पूछा गया कि उत्तर प्रदेश में मेरठ मेट्रो का संचालन कब शुरू हुआ, जिसका सही उत्तर फरवरी-2026 था। इसके अलावा भारत के पहले सुपर कंप्यूटर परम, सीपीयू को कंप्यूटर का मस्तिष्क, पीतल शिल्प के लिए मुरादाबाद, चिकनकारी के लिए लखनऊ, कालीन बुनाई के लिए भदोही तथा दोआब के अर्थ जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे गए। साहित्य से जुड़े प्रश्नों में पद्मावत के रचयिता मलिक मोहम्मद जायसी तथा नवाबों का शहर लखनऊ से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए।
अभ्यर्थी बोले आसान से मध्यम स्तर का रहा पेपर
पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर ईजी टू मॉडरेट रहा। सामान्य ज्ञान और कंप्यूटर से जुड़े प्रश्न अपेक्षाकृत सरल थे, जबकि फार्मेसी विषय के कुछ प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को चुनौती दी। अधिकांश अभ्यर्थियों का कहना था कि निगेटिव मार्किंग के कारण उन्होंने सोच-समझकर ही प्रश्नों का उत्तर दिया।
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