
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। ऑस्टियोपोरोसिस के कारण रीढ़ की हड्डी में होने वाले वर्टिब्रल
कॉलैप्स (फ्रैक्चर) के उपचार के लिए बैलून काइफोप्लास्टी (Balloon Kyphoplasty) तकनीक
को प्रभावी और सुरक्षित बताते हुए तेजगढ़ी स्थित विवान सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में
वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. अमित बिंदल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा
कि यह आधुनिक मिनिमली इनवेसिव तकनीक मरीजों को कम समय में दर्द से राहत दिलाने में
कारगर साबित हो रही है।
डॉ. अमित बिंदल ने बताया कि मवाना निवासी 55 वर्षीय जबर सिंह गंभीर कमर दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे। जांच में पता चला कि ऑस्टियोपोरोसिस के कारण उनकी रीढ़ की कई हड्डियों में वर्टिब्रल कॉलैप्स हो चुका था, जिससे चलना-फिरना और दैनिक कार्य करना भी मुश्किल हो गया था। डॉ. बिंदल ने बताया कि मरीज का बैलून काइफोप्लास्टी तकनीक से सफल उपचार किया गया। इस प्रक्रिया में रीढ़ की कमजोर हड्डी तक एक छोटी सुई के जरिए पहुंचकर विशेष बैलून से जगह बनाई जाती है और उसमें बोन सीमेंट भरा जाता है। सीमेंट के सख्त होने के बाद हड्डी को मजबूती मिलती है और मरीज को दर्द से तेजी से राहत मिलती है।
उन्होंने कहा कि ऑस्टियोपोरोसिस के कारण रीढ़ की हड्डी टूटने या दबने की समस्या से जूझ रहे मरीजों, खासकर बुजुर्गों के लिए यह तकनीक काफी लाभकारी है। समय पर उपचार कराने से मरीज सामान्य जीवन की ओर तेजी से लौट सकते हैं। डॉ. अमित बिंदल ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य लोगों को यह जानकारी देना है कि बैलून काइफोप्लास्टी जैसी आधुनिक स्पाइन सर्जरी तकनीक अब मेरठ में भी उपलब्ध है, जिससे मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. नीरज गोयल, डॉ. शिवकांत अग्रवाल,
डॉ. पवन जखमोला, डॉ. मनमोहन शर्मा, डॉ. सपना अग्रवाल, डॉ. मनीषा बिंदल, डॉ. सपना गोयल
और डॉ. ऋतु शर्मा सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे।
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