नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने 'इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2026–27' लॉन्च की। यह देश की प्रमुख कौशल-आधारित प्रतियोगिता है, जिसका उद्देश्य इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी 63 स्किल कैटेगरी में भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान करना, उन्हें निखारना और उन्हें दुनिया के सामने लाना है। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की देखरेख में आयोजित और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) के नॉलेज और इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर के तौर पर सहयोग से होने वाली यह प्रतियोगिता युवा स्किल्ड प्रोफेशनल को उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर पाने के लिए एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी।
भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा, "इंडिया स्किल्स सिर्फ़ एक प्रतियोगिता नहीं है; यह कौशल को आकांक्षा में, उत्कृष्टता को अवसर में और प्रतिभा को राष्ट्रीय गौरव में बदलने का एक सशक्त प्लेटफॉर्म है। यह एक ऐसे नए भारत को दर्शाता है जहाँ स्किल्ड युवा न केवल नौकरी के लिए तैयार हैं, बल्कि दुनिया के लिए भी तैयार हैं। जैसे-जैसे उद्योग विकसित हो रहे हैं और टेक्नोलॉजी, फ्यूचर ऑफ़ वर्क को नया रूप दे रही है, भारत का सबसे बड़ा फ़ायदा युवाओं को वैश्विक स्तर के कौशल, आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षा के साथ तैयार करने की उसकी क्षमता होगी। इंडिया स्किल्स 2026–27 देश के हर आकांक्षी युवा के लिए आगे आने, अपनी क्षमता दिखाने और दुनिया की 'स्किल कैपिटल' बनने की भारत की यात्रा का हिस्सा बनने का निमंत्रण है।"
इस लॉन्च के साथ ही 'स्किल इंडिया डिजिटल हब' पर प्रतियोगिता के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। यह देश भर के युवाओं को हिस्सा लेने के लिए एक पारदर्शी, सुलभ और डिजिटल प्लैटफ़ॉर्म है। प्रतियोगिता एक व्यवस्थित प्रक्रिया से गुज़रेगी जिसमें ज़िला, राज्य और क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं से होते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक का सफ़र शामिल होगा। यहाँ भारत के सबसे कुशल युवाओं को एडवांस्ड ट्रेनिंग और असेसमेंट के लिए चुना जाएगा, ताकि वे 'वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता' जैसे ग्लोबल प्लैटफ़ॉर्म पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2026–27 में पिछले साइकल की तरह ही भविष्य के लिए तैयार और इंडस्ट्री की ज़रूरतों के हिसाब से 63 स्किल्स शामिल रहेंगी। इनमें एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, हॉस्पिटैलिटी, ट्रांसपोर्टेशन, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़ और उभरते हुए सेक्टर शामिल होंगे।
2016 में शुरू होने के बाद से इंडिया स्किल्स भारत का सबसे बड़ा स्किल कॉम्पिटिशन इकोसिस्टम बन गया है। इसमें हिस्सा लेने वालों की संख्या में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है; 2016 में 20 स्किल्स के लिए लगभग 5,000 रजिस्ट्रेशन हुए थे, जबकि हाल ही में हुए इंडियास्किल्स प्रतियोगिता 2025–26 में सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 63 स्किल्स के लिए 3.5 लाख से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन हुए। यह प्रतियोगिता वोकेशनल एक्सीलेंस को बढ़ावा देने, इंडस्ट्री और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मज़बूत करने, ट्रेनिंग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक बनाने और युवाओं को स्किल्स पर आधारित करियर चुनने के लिए प्रेरित करने वाले एक मज़बूत प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर उभरी है।
इंडियास्किल्स प्रतियोगिता ग्लोबल स्किल प्रतियोगिता के लिए देश की मुख्य प्रतिभाओं को पहचानने का ज़रिया बन गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बेहतर होते प्रदर्शन में काफ़ी मदद मिली है। फ्रांस के ल्योन में हुई वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता 2024 में, भारत ने 4 ब्रॉन्ज़ मेडल और 12 'मेडलियन फॉर एक्सीलेंस' जीतकर अपनी अब तक की सबसे अच्छी ग्लोबल रैंकिंग (13वीं) हासिल की। इसी लय को बनाए रखते हुए भारत ने वर्ल्डस्किल्स एशिया प्रतियोगिता 2025 में 8वीं पोज़िशन हासिल करके अपनी स्थिति और बेहतर की, जो भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम की बढ़ती मज़बूती और ग्लोबल प्रतियोगिता में उसकी क्षमता को दिखाता है। हाल ही में, टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में हुए ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 में शानदार प्रदर्शन किया और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़ और सर्विस-सेक्टर स्किल्स में 3 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज़ मेडल जीते। अब देश इस साल के आखिर में शंघाई में होने वाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता 2026 में अपनी स्किल क्षमताओं को दिखाने की तैयारी कर रहा है।
मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रोत्साहित किया है कि वे स्किल कैटेगरी में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही, ज़्यादा लोगों तक पहुँचने और प्रतिभा की पहचान करने के लिए स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, स्किल ट्रेनिंग संस्थानों और इंडस्ट्री पार्टनर्स के ज़रिए बड़े पैमाने पर लोगों को जोड़ने का काम करें।
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