नित्य संदेश ब्यूरो
इंदौर ( निप्र ) : मई महीने में ग़ज़लों की मासूमियत भरी ठंडक के आगे सूर्य देव ने भी हार मान ही ली, मौका था ग़ज़ल को समर्पित लोकप्रिय संस्था परवाज़ ए ग़ज़ल, इंदौर के ज़ेरे एहतिमाम मुनक़्क़ीद ( आयोजित ) अदबी निशस्त ( काव्य गोष्ठी ) का । परवाज़-ए-ग़ज़ल की निशस्त ने बग़ीचे से बैंक़्वेट हॉल तक का सफ़र तय कर लिया है, लगातार बेहतरी की कोशिश में परवाज़-ए-ग़ज़ल की निशस्त अपना एक अलग मक़ाम रखती है।
मई माह के तीसरे रविवार को शहर के एक लोकप्रिय होटल में आयोजित निशस्त की सदारत मारूफ़ शाइर डॉ. अजय ढींगरा अजय ने और उम्दा निज़ामत ग़ज़लकार डॉ. वासिफ़ काज़ी ने की । तक़रीबन तीन घंटे अपने पूरे उरुज पर रही निशस्त में एक से बढ़कर एक ग़ज़लें सुनने को मिली जिन्हें सामईन ने भरपूर दाद ओ तहसीन से नवाज़ा....निशस्त में परवाज़-ए-ग़ज़ल इंदौर के अध्यक्ष श्री विकास जोशी वाहिद, सचिव विमल कुमार विमल, कोषाध्यक्ष हिमांशु व्यास, रवि खंडेलवाल, नीलेश नूर, शाइर डॉ. वासिफ़ काज़ी, आर. डी. माहौर "राही ", वरिष्ठ रचनाकार श्री ओमप्रकाश जोशी बब्बू, शाइर हरजीत सिंह भाटिया, कवि बृज मोहन शर्मा " बृज " एवं एकमात्र कवयित्री-शाइरा राखी जैन साहिबा उपस्थित रही।
सभी शोअरा ने उम्दा क़लाम पढ़ा... परवाज़ ए ग़ज़ल की निशस्त स्थापित के साथ साथ, नवोदित रचनाकारों को भी मंच देती रही है....अंत में आभार प्रदर्शन श्री विमल कुमार ने किया।

No comments:
Post a Comment