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Wednesday, May 20, 2026

मुस्लिम रक्षा दल ने राष्ट्रपति को भेजा पत्र, यूपी में धार्मिक भेदभाव पर हस्तक्षेप की मांग



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। मुस्लिम रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष यूनुस सैफी ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर उत्तर प्रदेश में हो रहे संवैधानिक अधिकारों के हनन पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।


मुख्य बिंदु:


1. 2024 की आरटीआई का हवाला: 2024 में मांगी गई सूचना का अधिकार अर्जी के जवाब में मेरठ पुलिस ने लिखित में स्वीकार किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान 13 जिलों में 10 दिन तक रूट डायवर्ट स्कीम लागू रहती है। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग, बाजार, स्कूल-कॉलेज पूरी तरह बंद रहते हैं और लाखों गरीबों की आजीविका छिन जाती है।


2. मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति: मुस्लिम रक्षा दल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के उस बयान पर कड़ा एतराज जताया है जिसमें वह बार-बार कहते हैं कि "सड़क चलने के लिए है, नमाज पढ़ने के लिए नहीं"। 


3. दोहरे मापदंड का आरोप: संगठन का कहना है कि एक तरफ सरकार खुद 10 दिन तक सड़कें बंद कर कांवड़ यात्रा निकलवाती है, वहीं दूसरी तरफ ईद की 30 मिनट की नमाज के लिए सड़क पर व्यवस्था करने से इनकार करती है। यह संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 25 का सीधा उल्लंघन है।


राष्ट्रीय अध्यक्ष यूनुस सैफी का बयान:  

"हम राष्ट्रपति से सिर्फ संविधान द्वारा दी गई बराबरी के अधिकार का पालन कराने की मांग कर रहे हैं। देश धर्मनिरपेक्षता से चलेगा, किसी एक धर्म के तुष्टिकरण से नहीं। या तो सरकार सभी धर्मों के लिए एक समान नीति बनाए, या फिर किसी भी धर्म के लिए सड़क बंद न करे। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।"


राष्ट्रपति से मांग:  

पत्र में महामहिम राष्ट्रपति से आग्रह किया गया है कि वे उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दें कि वह धार्मिक आयोजनों में भेदभाव बंद करे और सभी नागरिकों को संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार सुनिश्चित करे।


पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले:  

यूनुस सैफी, मनवर, रियाजुद्दीन, मोहम्मद तसलीम मलिक, शहजाद, सलीम, यासीन, फजलुद्दीन, वसीम, इस्लामुद्दीन, रियाजुद्दीन, मोहसिन, तोसीन सहित अन्य।


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