प्रकृति को बचाने के लिए बदलनी होगी जीवनशैली: डॉ. पियूष गोयल
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा गृह विज्ञान विभाग तथा विश्वविद्यालय पर्यावरण समिति के सहयोग से “जलवायु परिवर्तन : मानव लालच के खिलाफ प्रकृति की चेतावनी” विषय पर एक विचारोत्तेजक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पियूष गोयल, एमेरिटस साइंटिस्ट, रीजनल साइंस सेंटर, देहरादून को पौधा भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रितेश चौधरी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी मानवता के सामने एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। विश्वविद्यालय पर्यावरण समिति के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मुकेश रुहेला ने ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।
गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) ज्योति गौर ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक सुझाव साझा किए। उन्होंने बताया कि दूध और शैम्पू के पैकेटों के रैपर को अलग-अलग न करने जैसी छोटी-छोटी सावधानियां भी कचरा प्रबंधन और पुनर्चक्रण में सहायक हो सकती हैं।
मुख्य वक्ता डॉ. पियूष गोयल ने विभिन्न देशों के उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार वहां की सरकारें और नागरिक प्रकृति संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने जैव-प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा देने, बाजार जाते समय कपड़े का थैला और पानी की बोतल साथ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत स्वयं से करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रीति सिंह ने किया। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए पौधारोपण करने और प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम रखने का संकल्प दिलाया। अंत में एसोसिएट प्रोफेसर निशिमा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक गण उपस्थित रहे।
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