नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ: स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के गणेश शंकर विद्यार्थी सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा, वर्तमान चुनौतियों तथा डिजिटल युग में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता भाषा विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा शर्मा ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना और लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा, “हिंदी पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान समय तक जनमत निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज आवश्यकता है कि युवा पत्रकार सत्य, निष्पक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने पेशे का आधार बनाएं।”
कार्यक्रम का में बोलते हुए डॉ. आशीष दीपांकर ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के इतिहास और समकालीन परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, “तकनीक ने पत्रकारिता के स्वरूप को बदल दिया है, लेकिन पत्रकारिता के मूल मूल्य आज भी वही हैं। हिंदी पत्रकारिता की विश्वसनीयता उसकी सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना होगा।” उन्होंने विद्यार्थियों को तथ्यपरक, संवेदनशील और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की सहायक आचार्य डॉ. प्रीति सिंह ने कहा कि “हिंदी पत्रकारिता दिवस हमें उन पत्रकारों के संघर्ष और समर्पण की याद दिलाता है जिन्होंने समाज में जागरूकता और परिवर्तन की अलख जगाई। विद्यार्थियों को पत्रकारिता के नैतिक मानकों को समझते हुए नई तकनीकों का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए।”
कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सह-आचार्य डॉ. संतोष कुमार गौतम ने किया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता भारतीय लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. आशुतोष वर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक गण, शोधार्थी, शिक्षणेत्तर कर्मी एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

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