नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। शहर की पुरानी विरासत और बसे बसाए क्षेत्र को विकास के नाम पर बर्बाद कर दिया गया। छावनी क्षेत्र की 136 साल पुरानी बसाहट मलबे में तब्दील हो गई। कार्यवाही की इतनी जल्दी थी कि लोगों को अपने घरों से सामान भी निकालने नहीं दिया। यहां लोगों के पास घरों की वैध रजिस्ट्री भी है। नियम अनुसार लोगों को 7 दिन का समय दिया जाना था। पर केवल दो दिन पहले सूचना दी गई और नगर निगम भारी बल के साथ लोगों के घर तोड़ने पहुंच गई। इतना ही काफी नहीं था लोगों के मकान भी 15 फिट के बजाय 20 फीट तक तोड़े गए।
बिना सहमति, बिना मुआवजा इस तरह की कार्रवाई का जनहित पार्टी कड़ा विरोध करती है। इसी संबंध में जनहित पार्टी के कार्यकर्ताओं ने छावनी क्षेत्र में लोगों से संपर्क किया और आज रैली निकालकर नगर निगम की इस अमानवीय कार्यवाही का विरोध किया। जिसमें काफी संख्या में रहवासी मौजूद थे।
शहर को अंधाधुंध विकास से बचाने के लिए प्रमुख मांगों के साथ जनहित पार्टी की न्याय रैली में कहा—
"एफ ए आर और टी डी आर जैसे अंधे कानून रद्द करो।"
"शहरी भूमि अधिग्रहण कानून के हिसाब से पुश्तैनी रजिस्ट्री वाले घर का बाजार मूल्य से दुगना मुआवजा मिले।"
"सरकार की मनमानी गुंडागर्दी बंद हो।"
"क्या हम चाहते है हमारा इन्दौर भी दिल्ली जैसा बन जाए। जहां भविष्य में खूब चौड़ी स्वच्छ सड़के हो, शॉपिंग मॉल हो लेकिन साँस लेने को शुद्ध वायु नहीं, पीने को शुद्ध जल नहीं। गर्मी से बचने के लिए छायादार पेड़ नहीं हरियाली नहीं।"
"क्या हमें छोटे रोजगार, ठेले वालों से मुक्त शहर चाहिए।"
"शहर की जनसुविधाएं, बस स्टेण्ड, आर. टी. ओ. न्यायालय शहर में ही रखे।"
"यदि हम ऐसे ही चुप रहेंगे तो अगला शिकार हम होंगे। इसलिए शहरहित में आगे आए, मुखर हो अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएं।"





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