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Wednesday, May 13, 2026

शोभित विश्वविद्यालय में “इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी” विषय पर विशेष कार्यशाला का प्रभावशाली आयोजन


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ : Shobhit Institute of Engineering & Technology के स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग तथा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में “इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से शिक्षा एवं नवाचार” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। 

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक इमर्सिव तकनीकों — संवर्धित वास्तविकता, आभासी वास्तविकता, मिश्रित वास्तविकता तथा विस्तारित वास्तविकता — की व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे भविष्य की उभरती हुई तकनीकों को समझ सकें और उनके वास्तविक उपयोग से परिचित हो सकें।

कार्यशाला में आईएक्सआर लैब्स, गुरुग्राम के तकनीकी विशेषज्ञ निहार मदकाइकर (सह-संस्थापक), रजत अग्रवाल (व्यावसायिक प्रमुख), वेदांत बलियान तथा गौरव ने विद्यार्थियों को आभासी वास्तविकता तकनीक, वीआर उपकरणों तथा आधुनिक इमर्सिव तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया। विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक बताया कि ये तकनीकें किस प्रकार कार्य करती हैं तथा निर्माण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, गेमिंग, औद्योगिक प्रशिक्षण एवं आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में इनका उपयोग किस तेजी से बढ़ रहा है।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण यह रहा कि आईएक्सआर लैब्स की टीम अपने साथ तीन आभासी वास्तविकता उपकरण लेकर आई, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया गया। विद्यार्थियों ने स्वयं वीआर उपकरणों का उपयोग कर आभासी वातावरण का अनुभव प्राप्त किया। इस दौरान उन्हें अंतरिक्ष स्टेशन तथा कोयला कारखाने के आभासी मॉडल दिखाए गए, जिनके माध्यम से उन्होंने औद्योगिक प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली को अत्यंत रोचक, अनुभवात्मक एवं तकनीकी रूप से समझा। इस अनुभव ने विद्यार्थियों में नई तकनीकों के प्रति उत्साह, जिज्ञासा एवं नवाचार की भावना को और अधिक प्रोत्साहित किया।

कार्यशाला ने विद्यार्थियों को यह अनुभव कराया कि भविष्य में शिक्षा, प्रशिक्षण एवं औद्योगिक विकास में आभासी वास्तविकता तकनीक कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं भविष्य उन्मुख सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम में निदेशक प्रोफेसर डॉ. संदीप कुमार, प्रोफेसर डॉ. निधि त्यागी, प्रोफेसर डॉ. ममता बंसल, सहायक प्रोफेसर अभिनव पाठक, सहायक प्रोफेसर विजय माहेश्वरी, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राखी भारद्वाज तथा श्री शरद चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों को सीखने, अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के सफल संचालन में छात्र समन्वयकों प्रखंड प्रताप सिंह, हार्दिक भाटी, प्रिंस राज, मोहम्मद समीर राय, माही एवं मयंक पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यशाला में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया।

अंत में सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया।

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