नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सनसनीखेज त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) करेगी। मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की औपचारिक सिफारिश की है। राज्य सरकार के इस कदम से मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीदें काफी मजबूत हो गई हैं।
इस बीच, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की एकलपीठ के समक्ष आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने रखा। वहीं, राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट से भोपाल से केस डायरी मंगवाने के लिए समय मांगा। अदालत ने दोपहर ढाई बजे तक का समय देते हुए स्पष्ट किया कि केस डायरी प्रस्तुत होने के बाद ही मामले पर पुनः सुनवाई की जाएगी।
दरअसल, यह पूरा मामला पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के पुत्र समर्थ सिंह पर लगे गंभीर आरोपों से जुड़ा है। समर्थ पर अपनी दिवंगत पत्नी त्विषा को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी समर्थ फरार चल रहा है। इससे पहले भोपाल की स्थानीय अदालत उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर चुकी है, जिसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने हाई कोर्ट की शरण ली है।
उल्लेखनीय है कि 31 वर्षीय त्विषा शर्मा का विवाह दिसंबर 2025 में एक वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से भोपाल निवासी समर्थ सिंह के साथ हुआ था। दिल्ली में संपन्न हुई इस शादी के बाद त्विषा भोपाल में अपने पति के साथ रह रही थी। कुछ दिनों पूर्व भोपाल स्थित आवास पर उसका शव फंदे से लटका हुआ मिला था। मृत्यु के समय त्विषा गर्भवती भी थी, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

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