"परो को खोल ज़माना उड़ान देखता है, ज़मीं पे बैठके क्या आसमान देखता है" |
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं नीट/ जेईई विशेषज्ञ डॉक्टर अतुल सिंघल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा 21 मई को होने वाले नीट री एग्जाम को अवसर के रूप में देखें। अधिकांश विद्यार्थियों की बायोलॉजी पहले से अच्छी तैयार है सही गाइडेंस और रिवीजन बायो में 330–350 अंक दिला सकता है बाकी लगभग 300 अंक फिजिक्स और केमिस्ट्री से पूरे करने होंगे इसी के लिए अधिकतर विद्यार्थी चिंतित हैं। ऐसी स्ट्रेटजी पर काम करना होगा जिससे केमिस्ट्री में लगभग 160 और फिजिक्स में 130-140 अंक हासिल किए जा सकें।
केमिस्ट्री में रिएक्शन रिवीजन, शॉर्ट नोटिस और नियमित मॉक टेस्ट पर विशेष ध्यान दें।
फिजिक्स में फॉर्मूला क्लेरिटी, कॉन्सेप्ट अंडरस्टैंडिंग और प्रतिदिन न्यूमेरिकल प्रैक्टिस बहुत ज़रूरी है।
री एग्जाम के लिए जो 35 दिन मिले हैं उन्हें पूरी गंभीरता से उपयोग करें।
क्लासेस, डाउट्स और नियमित मॉनिटरिंग के लिए highly qualified faculty का चयन करें।
Targeted study, disciplined routine, अच्छी test series और बेहतर study material सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मेरे सैकड़ो ऐसे स्टूडेंट जिन्होंने प्रॉपर गाइडेंस और मेहनत से 400 से 650 तक का सफर पूरा किया है उनके रिजल्ट के आधार पर निस्संदेह कह सकता हूं कि असंभव कुछ भी नहीं। परो को खोल ज़माना उड़ान देखता है, जमीं पे बैठके क्या आसमान देखता है।
नीट काउंसलर डॉक्टर ताबिश फरीद ने कहा इस समय सबसे ज़्यादा ज़रूरी कुछ है तो वो है स्वयं पर विश्वास करना।इतिहास वही रचते हैं जिनके सपने बड़े होते हैं, बिलीफ सिस्टम मजबूत होता है और जो असफलताओं से नहीं डरते।
हर चुनौती अपने साथ एक नया अवसर लाती है।जो विद्यार्थी धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ लगातार मेहनत करते हैं सफलता अंततः उन्हीं के कदम चूमती है।
No comments:
Post a Comment