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Saturday, April 11, 2026

सुभारती में ‘मंथन संकीर्तन सभा’ का हुआ भव्य आयोजन, विभिन्न धर्मों के भजनों की बही रसधार

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठः सनातन संगम न्यास एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 'मंथन संकीर्तन सभा' का भव्य आयोजन किया गया। सुभारती मेडिकल कॉलेज के हरिसिंह नलवा ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न धर्मों के अनुयायियों—यथा बौद्ध, हिंदू, जैन और सिख समाज—को एक मंच पर लाकर संकीर्तन के माध्यम से वैश्विक शांति एवं सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना करना रहा। 

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर श्री श्री 1008  रुपेंद्र जी महाराज, धर्मगुरु संत गौरवानंद, बौद्ध भिक्खु दीप रतन बौद्ध, सिख धर्मगुरु उस्ताद भाई हरनीत सिंह नीत, जैन भक्ति गायिका सुश्री प्रांजल जैन, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) पी.के. शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो.(डॉ.) शल्या राज, सनातन संगम न्यास के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप राघव आदि के द्वारा सामूहिक स्तुति वाचन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।  इसके बाद श्रीमद्भगवद्गीता मंत्र, अरदास गुरुवाणी और बौद्ध वचन व जैन भजन गीतो की प्रस्तुती विभिन्न धर्मगुरुओं व भजन गायकों  के द्वारा की गई। कार्यक्रम में सभी अतिथियों को पादप, प्रतिक चिह्न व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान हिंदू भक्ति गायन धर्मगुरु संत गौरवानंद द्वारा प्रस्तुत किया गया। बौद्ध भक्ति गायन धर्मगुरु भिक्खु दीप रतन बौद्ध द्वारा जबकि जैन भक्ति गायन धर्मगुरु सुश्री प्रांजल जैन ने प्रस्तुत किया।  वहीं सिख भक्ति गायन में धर्मगुरु उस्ताद भाई हरनीत सिंह नीत (गुरुवाणी गायक) ने गुरुवाणी व शब्द कीर्तन की अपनी विशेष प्रस्तुति दी     

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर श्री श्री 1008  रुपेंद्र जी महाराज (अखाड़ा मंडल आश्रम, हरिद्वार) ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संगम न्यास व स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित इस मंथन कीर्तन सभा का पावन आयोजन सुभारती समूह एवं सनातन संगम न्यास के प्रणेता मेरठ ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश के अग्रणी शिक्षाविद डॉ. अतुल कृष्ण के जन्मदिन पर आयोजित करके इस दिन को और पवित्र एवं पावन बना दिया है।  उन्होंने आगे कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय के द्वारा राष्ट्रभक्ति एवं ज्ञान की जो अलख यहां जगाई जा रही है वो अपने आप में एक अद्भुत कार्य है। यहां के इस शिक्षा, सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रीयता के भाव से परिपूर्ण वातावरण को देखकर मन में एक विश्वास पैदा होता है कि सुभारती विश्वविद्यालय में देश के भावी कर्णधारों को सुसंस्कारित एवं प्रेम करुणा व मैत्री के अनोखे भाव के साथ तैयार किया जा रहा है जो भारत को विश्वगुरु बनाने का कार्य करेंगे।   उन्होंने डॉ. अतुल कृष्ण को संपूर्ण संत समाज की ओर से जन्मदिन पर बहुत बधाई एवं आशीर्वाद देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना की।     

कार्यक्रम में बोलते हुए सुभारती विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो.(डॉ.) शल्या राज ने कहा कि सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण की हमेशा से यही विचारधारा रही है कि मानव-मानव से प्रेम करे और किसी भी प्रकार का वैमनस्य समाज में ना हो। हमारा समाज जातिविहीन समाज बने जहां तथागत बुद्ध के संदेश प्रेम, करुणा, मैत्री एवं सद्भाव का भाव हो। अंत में उन्होंने सुभारती समूह एवं सनातन संगम न्यास के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण को संस्कृत गीत के माध्यम से जन्मदिन की बधाई प्रेषित की।     

सनातन संगम न्यास के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप राघव ने सभी का आधिकारिक स्वागत संबोधन करते हुए बताया कि इस आयोजन के पीछे सनातन संगम न्यास एवं सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण का मार्गदर्शन और उनकी प्रेरणा प्रमुख रूप से है।  वहीं न्यास के महामंत्री अनिल अज्ञात ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।  इस कार्यक्रम का संचालन प्रो. (डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा के द्वारा सफल एवं सधे हुए अंदाज में किया गया।

इस दौरान अतिरिक्त प्रति-कुलपति डॉ. मुनीश सी. रेड्डी, कुलसचिव ग्रुप कैप्टन एम याकूब(सेनी.) डॉ. डी.सी. सक्सेना, डॉ. सत्यम खरे, डॉ. पिंटू मिश्रा, डॉ. वैभव गोयल भारतीय, डॉ. आर. के. जैन, डॉ. रेनू मावी, डॉ. एस.सी.तिवारी, डॉ. मनीष कुमार पाठक पराग गुप्ता, राजकुमार सागर, वीरपाल सिंह, प्रिंस सुभारती एवं विभिन्न संकायों के अध्यक्ष व विद्यार्थी तथा मेरठ के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


 

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