तरुण आहूजा
नित्य संदेश, मेरठ। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शहर में स्कूलों द्वारा प्रचार-प्रसार का दौर तेज हो गया है, लेकिन यह प्रचार अब नियमों की अनदेखी करते हुए आम लोगों के घरों तक पहुंच गया है। कई क्षेत्रों में स्कूल संचालकों द्वारा बिना अनुमति लोगों के घरों के बाहर पोस्टर और बैनर चिपकाए जा रहे हैं, जिससे मकान मालिकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि दीवारों की पुताई खराब हो रही है, अब इसकी भरपाई कौन करेगा?
वहीं, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आम दिनों में सड़कों से अवैध होर्डिंग और बोर्ड हटाने वाले निगम कर्मचारी अब स्कूलों के इन पोस्टरों पर कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं। शहर की सड़कों, चौराहों और यहां तक कि पुलिस चौकियों तक पर लगे अवैध पोस्टर साफ दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन पोस्टर, बैनर और होर्डिंग के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है, तो नगर निगम को तुरंत जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि शहर की सौंदर्यता और लोगों के अधिकार दोनों सुरक्षित रह सकें।: *ये कहना है स्कूल वालों का:* हमने कहा था जहां फ्लेक्स लगे हो वही लगाना गलती से लगा दिए है!

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