मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय में "वूमेन इन गवर्निंग एंड देयर रोल इन प्रमोटिंग सस्टेनेबल लाइफस्टाइल" विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों में सुशासन, महिला सशक्तिकरण तथा सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल-12(एसडीजी-12) के अंतर्गत जिम्मेदार उपभोग एवं सतत जीवन शैली के प्रति जागरुकता विकसित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन डॉ. सुधीर त्यागी ने की।अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी न केवल सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करती है, बल्कि संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और सतत विकास को भी नई दिशा देती है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उच्च शिक्षण संस्थानों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को ऐसे विषयों से जोड़ें, जो समाज के समग्र विकास में सहायक हो।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य वक्ता एवं विषय विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) आलोक कुमार, समाजशास्त्र विभाग, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ ने बताया कि शासन एवं नीति निर्धारण में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से समाज में जिम्मेदार उपभोग की प्रवृत्तियों को बल मिलता है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया कि महिलाएँ परिवार और समुदाय स्तर पर संसाधनों के संतुलित उपयोग, अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को सतत जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे। अंत में डॉ. मनोज त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व एवं शोध के प्रति रुचि विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर संकाय के सभी विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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