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Wednesday, April 22, 2026

मुस्लिम महिलाओं को अलग से धर्म के आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए: शाहीन परवेज

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। शौकत कॉलोनी क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ता शाहीन परवेज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं एकत्रित हुईं और महत्वपूर्ण सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर अपना समर्थन व्यक्त किया। इस अवसर पर महिलाओं में उत्साह, जागरूकता और एकजुटता साफ दिखाई दी।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि वे समाज में न्याय, समानता और महिलाओं के अधिकारों की मजबूती के लिए पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खिलाफ कानून बनाना एक ऐतिहासिक निर्णय रहा है, जिससे लाखों मुस्लिम बहनों को सम्मान और सुरक्षा मिली है। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी जोरदार समर्थन किया गया। शाहीन परवेज ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन कुछ विपक्षी पार्टियों द्वारा इसका विरोध किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं द्वारा यह बयान दिया जा रहा है कि मुस्लिम महिलाओं को अलग से धर्म के आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए, जबकि भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। इस प्रकार के बयान केवल वोट बैंक की राजनीति और तुष्टिकरण की नीति का हिस्सा हैं, जिससे मुस्लिम समाज को भ्रमित करने का प्रयास किया जाता है। शाहीन परवेज ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुस्लिम बहनें अब जागरूक हो चुकी हैं और वे किसी के बहकावे में आने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो पार्टियां नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर रही हैं, उन्हें आने वाले चुनाव में जनता जरूर जवाब देगी।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी महिलाओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेंगी और समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य जारी रखेंगी मौके पर फरज़ाना, फ़िरदौस, रुखसाना, अंबरीन शाहजहाँ आदि महिलाये मौजूद रही।

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