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Sunday, April 12, 2026

ज्ञान, साहित्य एवं समृद्ध भारतीय संस्कृति के अनूठे संगम ’’हस्तिनापुर साहित्य सम्मेलन-2026’’ का भव्य आयोजन


नित्य संदेश ब्यूरो

हस्तिनापुर की पावन ऐतिहासिक धरा पर श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हस्तिनापुर साहित्य महोत्सव-2026 अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप में प्रारंभ हुआ। महाभारतकालीन इस प्राचीन नगरी में सजे इस साहित्यिक महाकुंभ ने ज्ञान, संस्कृति और विचारो का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। बहसूमा रियासत हस्तिनापुर द्वारा आयोजित हस्तिनापुर साहित्य उत्सव अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में धूमधाम से मनाया गया तथा इस अवसर पर उद्घाटन सत्र के अवसर पर आत्मबोध से ’’विश्वबोध’’ विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित की गई। 
- कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा को चार चांद लगा दिए। आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि हस्तिनापुर भारत के प्राचीन विरासत तथा आत्मबोध से विश्वबोध का संवाहक है। उन्होंने कहा कि भारत के प्राचीन नगरी हस्तिनापुर में प्रथम बार आयोजित हस्तिनापुर साहित्य उत्सव साहित्य कला और संस्कृति का आधार बनेगा उन्होने हस्तिनापुर के प्राचीन इतिहास पर प्रकाश डालते हुए हस्तिनापुर की बहसूमा रियासत के वैभवशाली इतिहास को आधुनिक इतिहास का गौरव कहा तथा महाराजा जैता सिंह नागर से लेकर राजा नैन सिंह गुर्जर तक के समय को याद करते हुए मुगल काल के संघर्ष व 1857 की क्रांति में उनके योगदान का स्मरण किया गया। 
- कार्यक्रम की अध्यक्षता पूज्य स्वामी कर्मवीर जी महाराज ने की, जिनके आध्यात्मिक सान्निध्य ने पूरे आयोजन को दिव्यता से भर दिया। ’’कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि/वक्ता के रूप में श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डाॅ0 राजीव त्यागी ने हस्तिनापुर को भारतीय सभ्यता एवं धर्म संस्कृति का स्तम्भ बताते हुए हस्तिनापुर के संदर्भ में सनातन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए हस्तिनापुर साहित्य महोत्सव-2026 की सराहना की। मुम्बई से आई विख्यात लेखिका डाॅ0 वैदेही तामण ने उत्सव का बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया।    
हस्तिनापुर साहित्य महोत्सव-2026 का मुख्य आकर्षण ’’आत्मबोध से विश्वबोध’’ विषय पर आयोजित व्याख्यान रहा, जिसमें वक्ताओ ने आत्मचिंतन, आध्यात्मिक जागृति और वैश्विक चेतना के गहरे संबंधों पर प्रकाश डाला। विचारो की इस गहन धारा से उपस्थित जनसमूह को आत्मंथन और सकारात्मक जीवन दृष्टि के लिए प्रेरित किया। 
कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का भव्य विमोचन भी किया गया, जिनमें डाॅ0 यतीन्द्र कटारिया विद्यालंकार द्वारा लिखित ’’हस्तिनापुर, कल, आज और कल’’ तथा आदर्श कुमार जैनर द्वारा लिखित ’’अनुभूति, डाॅ0 वैदेही तामण द्वारा लिखित वीर सावरकर व सुरेन्द्र सिंह द्वारा लिखित उजाले की ओर प्रमुख रहीं। इस कृतियों के माध्यम से हस्तिनापुर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और समकालीन स्वरूप को उजागर किया गया, साथ ही साहित्यिक चेतना को नई दिशा प्रदान की गई। 
अखिल भारतीय कवि सम्मलेन इस उत्सव का विशेष आकर्षण रहा, जिसमें देश से आए ख्यातिप्राप्त कवियों ने अपनी ओजपूर्ण, भावपूर्ण और प्रेरणादायक रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हास्य, वीर रस, श्रंगार और करूण रस की विविध प्रस्तुतियों ने वातावरण को सरस और जीवंत बना दिया। कार्यक्र में अखिलभारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील त्रिवेदी राष्ट्रीय महामंत्री डाॅ0 पवनपुत्र बादल सहित देशभर से अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रतिनिधि मौजूद रहे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह ने साहित्य साधकों के प्रति समाज के सम्मान और कृतज्ञता को अभिव्यक्ति किया। हस्तिनापुर साहित्य महोत्सव-2026 में श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रहित में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के विभिन्न कार्यक्रमों में योगदान की भूरी भूरी प्रशंसा की गई।
कार्यक्रम का सफल आयोजन बहसूमा रियासत हस्तिनापुर एवं संबंधित साहित्यिक संस्थाओं के सहयोग से किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्यकार, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। 
समग्र रूप से यह साहित्य उत्सव में मुख्य रूप से रजा लाइब्रेरी रामपुर के निदेशक डाॅ0 पुष्कर मिश्रा, आई0ए0एस0 लेखक कुमार, प्रोफेसर पुरूषोत्तम पाटील, प्रोफेसर लहरी राम मीणा, डाॅ0 प्रवीन सरस्वत, कुंवर देवेन्द्र सिंह, गुर्जर सतीश कुमार, अशोक कुमार, महेश पांडे बजरंग, अशोक चैधरी, अरविंद भाटी, महाकवि देवेंद्र देव, मिर्जापुर एमएलसी पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सांसद चंदन चैहान, नितिन पोसवाल, कुलदीप नागर, आदेश कटारिया, प्रोफेसर बलजीत श्रीवास्तव, निरूपमा अग्रवाल आदि द्वारा विचार व्यक्त किए गए। कार्यक्रम संयोजक डाॅ0 यतींद्र कटारिया ने कहा कि अगले वर्ष वेंकटेश्वरा में ऐतिहासिक रूप से "अमरोहा साहित्य उत्सव’’ का आयोजन किया जाएगा। कुंवर देवेंद्र सिंह द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस शानदार आयोजन के लिए वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 कृष्णकान्त दवे, समूह के वित्तीय सलाहकार सी0ए0 युवराज सिंह, कुलसचिव पीयूष कुमार पाण्डेय, मेरठ परिसर निदेशक डाॅ0 पंकज, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि ने बधाईयां प्रेषित की है।

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