नित्य संदेश ब्यूरो
रोहटा : मंगलवार को संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के 135वीं जयंती क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर गांव में कार्यक्रम कर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया।
डूंगर में बाबा साहेब डॉ.बीआर अंबेडकर कीजयंती पर ग्राम प्रधान आशा सांगवान ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के अवसर पर ग्राम प्रधान आशा सांगवान ने कहा कि बाबा साहेब अपने आप में देश के उत्थान की जहां एक नींव के साथ साथ राष्ट्रनिर्माता भी थे। उन्होंने ही शोषितों, दलितों ओर पिछड़ों को हक दिलाने के लिए जहां कानून बनाए वे हमारे जीवन का आधार हैं, लेकिन हमें यह समझना होगा कि जब तक सामाजिक स्वतंत्रता नहीं मिलती, तब तक कानूनी स्वतंत्रता अधूरी है। उन्होंने हमें एक शक्तिशाली मंत्र दिया था। इस अवसर पर समाज सेवी राजकुमार, मिटन लाल, चिरंजीलाल, सोनू आदि ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम भारत रत्न डॉ.बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भव्य प्रतिमा के सामने नमन करने और उनके विचारों को आत्मसात करने के लिए एकत्रित हुए है। इस मौके पर पूर्व प्रधान देवी सिंह, मिटन लाल, चिरंजी लाल,प्रमोद,सतपाल, पप्पू , विमल, बिरजू,ऋषिपाल, बाबर, अशोक भदौरिया,राजू, प्यारेलाल,सचिन,रामभूल,विजय,अमित, आदि उपस्थित रहे।
रोहटा में रणवीर दहिया प्रदेश महासचिव उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय लोकदल ने कहा कि बाबा साहब का जन्म 14 अप्रैल 1891 को एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों और सामाजिक भेदभाव का सामना किया, लेकिन शिक्षा और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने इतिहास रच दिया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, मेहनत और लगन से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
बाबा साहब का सपना था एक ऐसे भारत का निर्माण, जहाँ किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव न हो। हमें उनके विचारों को अपनाकर एक समतामूलक और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए। डाॅ. देवेन्द्र गौतम मीरपुर व औंकार भदौडा व जराज सिंह एडवोकेट आदि रहे। इसके अलावा पूठखास,सलाहपुर, जंगेठी व घसोली व रोहटा व रासना व उकसिया व आलमगीरपुर व उखलीना व मीरपुर व डालमपुर व रसूलपुर जाहिद आदि गांव में भी बाबा साहब को याद किया गया।

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