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Friday, April 10, 2026

सुभारती में ‘मंथन संकीर्तन सभा’ का भव्य आयोजन 11 अप्रैल को



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। सनातन संगम न्यास एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में  11 अप्रैल 2026 (शनिवार) को ह्लमंथन संकीर्तन सभाह्व का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे से 02:00 बजे तक हरिसिंह नलवा ऑडिटोरियम, मेडिकल कॉलेज कैंपस, प्रथम तल, सुभारतीपुरम में आयोजित होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न धर्मों के अनुयायियों—बौद्ध, हिंदू, जैन और सिख समाज—को एक मंच पर लाकर संकीर्तन के माध्यम से वैश्विक शांति एवं सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना करना है।


आयोजकों के अनुसार यह आयोजन सांस्कृतिक समन्वय और आध्यात्मिक एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वपेंद्र जी महाराज (अखाड़ा मंडल आश्रम, हरिद्वार) उपस्थित रहेंगे और अपने आशीर्वचन से श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक स्तुति वाचन से होगी, जिसमें श्रीमद्भगवद्गीता मंत्र, अरदास गुरुवाणी और बौद्ध वचन शामिल रहेंगे। इसके पश्चात विभिन्न धर्मों के प्रतिष्ठित भजन गायकों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। हिंदू भक्ति गायन धर्मगुरु संत श्री गौरवानंद जी (भूपेड़ी आश्रम, खतौली, मुजफ्फरनगर) द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। बौद्ध भक्ति गायन धर्मगुरु श्री भिक्षु दीप रतन बौद्ध द्वारा किया जाएगा, जबकि जैन भक्ति गायन धर्मगुरु सुश्री प्रांजल जैन प्रस्तुत करेंगी। सिख भक्ति गायन में धर्मगुरु उस्ताद भाई हरजीत सिंह नीत (गुरुवाणी गायक) अपनी विशेष प्रस्तुति देंगे।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का संबोधन, विशिष्ट अतिथियों का सम्मान तथा ब्रह्मचारिणी पूनम ह्यउज्जवलह्ण (आध्यात्मिक मार्गदर्शक एवं प्रेरक वक्ता, मेरठ) का विशेष उद्बोधन भी होगा। अंत में भंडारे के रूप में प्रसाद वितरण किया जाएगा। सनातन संगम न्यास के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप राघव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इस आयोजन के पीछे सनातन संगम न्यास एवं सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण का मार्गदर्शन प्रमुख रूप से है।


इसके अतिरिक्त इस कार्यक्रम के सह-आयोजक स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय का भी विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है। वहीं आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में सहभागिता करने की अपील की है, ताकि समाज में सद्भाव, शांति और एकता का संदेश प्रसारित किया जा सके।


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