नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब आईबीएम द्वारा घोषित आईबीएम स्किल्सबिल्ड प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक समारोह नहीं था, बल्कि छात्रों की मेहनत, प्रतिभा और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं का उत्सव था।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें उद्योग जगत से सीधे जुड़ने का सुनहरा अवसर भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुपम शुक्ला (डायरेक्टर,नैसकॉम फाउंडेशन) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, ह्लआज का कौशल ही कल की पहचान हैह्व उनके प्रेरणादायक शब्दों ने छात्रों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। वहीं विशिष्ट अतिथि श्री विकास कालरा (सीईओ, सीईटीपीए, नोएडा) की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। ट्रेनर मोहम्मद बेलाल के योगदान की भी सराहना की गई, जिन्होंने छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। टेक्नोलॉजी और क्रिएटिविटी का बेहतरीन संगम यह दर्शाता है कि सुभारती के छात्र भविष्य के टेक्नोलॉजी लीडर्स बनने की दिशा में अग्रसर हैं। वही छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण उनके लिए केवल सीखने का माध्यम नहीं, बल्कि करियर को नई दिशा देने वाला अवसर साबित हुआ। कई छात्रों ने इसे ह्लजीवन बदलने वाला अनुभवह्व बताया।
यह कार्यक्रम डॉ. मनोज कपिल (डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) एवं डॉ. श्रवण गर्ग (विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसने इसे एक यादगार और प्रेरणादायक आयोजन बना दिया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. आशिमा, डॉ. दिव्या मिश्रा, डॉ. अमित चौधरी, डॉ. अमित किशोर, सिमरप्रीत कौर, शिवानी शर्मा एवं अमरदीप का विशेष योगदान रहा। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब शिक्षा और उद्योग साथ आते हैं, तो छात्रों के लिए अवसरों के नए द्वार खुलते हैं। बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और गणमान्य अतिथियों ने इसे एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सीईटीपीए इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड एवं नैसकॉम फाउंडेशन का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने शिक्षा और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया। यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि भविष्य के इंजीनियरों के सपनों को साकार करने की एक सशक्त शुरुआत साबित हुआ।
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