उत्सव भारद्वाज
नित्य संदेश, मोदीपुरम। गन्ना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय शुगर संस्थान कानपुर का शैक्षिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को चीनी एवं एथेनॉल उद्योग की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। भ्रमण के दौरान संस्थान के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को आसवन (डिस्टिलेशन), किण्वन (फर्मेंटेशन) तथा एथेनॉल प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
छात्रों ने आधुनिक प्रयोगशालाओं और उत्पादन इकाइयों का अवलोकन किया, जहाँ उन्हें गन्ने से एथेनॉल बनाने की संपूर्ण प्रक्रिया को निकट से समझने का अवसर मिला। विशेषज्ञों ने बताया कि किण्वन प्रक्रिया के माध्यम से शर्करा को अल्कोहल में परिवर्तित किया जाता है, जबकि आसवन प्रक्रिया द्वारा एथेनॉल को शुद्ध किया जाता है। विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी गई कि वर्तमान समय में एथेनॉल उत्पादन ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस शैक्षिक यात्रा के दौरान संस्थान में उपलब्ध सूक्ष्म ब्रेवरी (माइक्रो ब्रेवरी), शुगर मिल मॉडल तथा आसवनी इकाइयों का भी अवलोकन कराया गया, जिससे विद्यार्थियों का ज्ञान और अधिक समृद्ध हुआ। उन्होंने उद्योग में उपयोग होने वाली नवीनतम तकनीकों और उपकरणों को प्रत्यक्ष रूप से देखा। विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण से उन्हें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होता है, जो उनके भविष्य के करियर के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।यह शैक्षिक पहल विद्यार्थियों को चीनी एवं एथेनॉल उद्योग में बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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