नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ एवं शोध एवं विकास प्रकोष्ठ संयुक्त तत्वावधान में न्यूक्लियस ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट के सहयोग से एम ओ यू के तहत “Harnessing AI Tools: A Step towards Strategic Teaching Approach “ विषय पर एक राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (ऑनलाइन) का शुभारंभ हुआ।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित टूल्स से परिचित कराना तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रणनीतिक, प्रभावी एवं नवाचारपूर्ण बनाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अंजू सिंह द्वारा दिए गए स्वागत भाषण से हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बदलते शैक्षिक परिदृश्य में AI आधारित टूल्स शिक्षण गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने इस प्रकार के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को शिक्षकों की डिजिटल दक्षता, नवाचार क्षमता एवं व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया तथा आयोजन के लिए आयोजकों से टीम को बधाई दी।
कार्यक्रम के विषय विशेषज्ञ डॉ . पुनित पाठक ने अपने व्याख्यान में शिक्षण एवं अधिगम में AI टूल्स की भूमिका पर विस्तृत एवं व्यावहारिक चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से Heuristica प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्लेटफ़ॉर्म शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को विचार-निर्माण (Idea Generation), अवधारणा मानचित्रण (Concept Mapping) तथा शोध-आधारित सीखने में किस प्रकार सहायक है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया कि Heuristica जटिल विषयों को सरल एवं तार्किक ढंग से समझने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने Goblin Tools (Magic To-Do) सहित अन्य AI टूल्स का परिचय दिया, जिनकी सहायता से बड़े और जटिल कार्यों को छोटे-छोटे चरणों में विभाजित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ये टूल्स शिक्षकों के समय प्रबंधन, पाठ योजना निर्माण तथा शैक्षणिक कार्यों को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने में उपयोगी हैं। सत्र के दौरान अन्य सहायक AI टूल्स पर भी संक्षिप्त जानकारी दी गई, जिनका उपयोग कंटेंट डेवलपमेंट, असेसमेंट और स्टूडेंट एंगेजमेंट में किया जा सकता है।
सत्र के अंत में प्रतिभागियों द्वारा प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षण में AI के नैतिक उपयोग, मूल्यांकन प्रक्रिया में AI की भूमिका, छात्रों की रचनात्मकता बढ़ाने में AI टूल्स की उपयोगिता तथा शिक्षकों के लिए व्यावहारिक चुनौतियों से संबंधित कई प्रश्न पूछे गए। रिसोर्स पर्सन द्वारा सभी प्रश्नों का संतोषजनक, स्पष्ट एवं उदाहरणों सहित उत्तर दिया गया। कार्यक्रम का समापन IQAC समन्वयक प्रो ० लता कुमार द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने विषय विशेषज्ञ पुनित पाठक, प्राचार्या महोदया, आयोजक समिति के सदस्यों एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम की सफलता में सभी के सहयोग की सराहना की।

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