इकराम चौधरी
नित्य संदेश, किठौर। राधना इनायतपुर में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब गांव के होनहार युवक मोहम्मद क़मर 10 माह का सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर छुट्टी पर अपने घर लौटे। इंडियन आर्मी की अग्निवीर योजना के तहत चयनित मोहम्मद क़मर के गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे गांव में "इंडियन आर्मी जिंदाबाद” के नारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर हो गया।
गांव के मुख्य मार्ग पर जैसे ही फौजी युवक की एंट्री हुई, ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ उनका अभिनंदन किया। उन्हें जुलूस के रूप में उनके घर तक ले जाया गया। घर पहुंचने पर लोगों ने मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मोहम्मद क़मर का चयन पिछले वर्ष अग्निवीर योजना के अंतर्गत हुआ था। उन्होंने देश के विभिन्न सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों पर अपनी ट्रेनिंग पूरी की, जिसके बाद वे 10 माह बाद पहली बार अपने गांव लौटे हैं।
मोहम्मद क़मर ने बताया कि उन्होंने यह सफलता अपनी लगन, मेहनत और अनुशासन के बल पर हासिल की है। उन्होंने गांव के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि वे भी लक्ष्य तय कर पूरी निष्ठा से प्रयास करें तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनका सपना देश सेवा करना था, जो आज पूरा हुआ है।
मोहम्मद क़मर अपने छह भाइयों में पांचवें स्थान पर हैं। उनके पिता किसान होने के साथ-साथ मस्जिद में इमामत भी करते हैं। उनके बड़े भाई मौलाना हैं और एक मदरसा चलाते हैं, जबकि एक भाई मोहम्मद तकसीर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। मोहम्मद क़मर का चयन गांव से भारतीय सेना में अग्निवीर के तौर पर पहली नियुक्ति मानी जा रही है।
इसी गांव से उनके चाचा के बेटे मोहम्मद तलहा का भी हाल ही में इंडियन आर्मी मेडिकल कोर (एएमसी) में चयन हुआ है। वे वर्तमान में प्रशिक्षण पर हैं और उनका चयन क्षेत्र की पहली स्थायी नियुक्ति है, जिससे पूरे इलाके में गर्व का माहौल है। इस अवसर पर गांव के प्रधान पद के उम्मीदवार खालिद मुनाजिर, समाज सेवी गय्यूर मुखिया, मास्टर खलीक, मास्टर अब्दुल आहद, मास्टर अब्दुल कादिर, मौलाना मोहम्मद उमर, मुजाहिद सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
इसके अलावा तकसीर अली, मशकूर अली, मोहम्मद कासिम, आदिल, डॉ. शहजाद, इकराम चौधरी बबलू, मारूफ अली, गोसे आजम और आबाद चौधरी समेत बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित रहकर शुभकामनाएं दीं। गांव में यह आयोजन युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
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