-लोगों पर मंडराने लगा संक्रमित बीमारी का खतरा, नगरायुक्त
से शिकायत
तरुण आहूजा
नित्य संदेश, मेरठ। नगर निगम के वार्ड-एक में दो माह पहले मुख्य नाले का निर्माण कार्य शुरू किया था, जिसको रेलवे विभाग द्वारा बंद करवा दिया गया, जिस कारण शिवहरि मंदिर की गलियों में निकासी न होने के कारण गंदे पानी का जल भराव होना शुरू हो गया, साथ ही पीने का पानी भी दूषित हो गया। गलियों में गंदा पानी भरने से लोगों पर संक्रमित बीमारी का खतरा लगातार मंडराने लगा है। क्षेत्रवासियों के द्वारा इसकी शिकायत नगर निगम के आला अधिकारियों, नगर आयुक्त और महापौर से गई, किंतु अभी तक किसी के द्वारा कोई सुध नहीं ली गई। आलम यह है कि चारों ओर हुए जल भराव के कारण यहां के लोग एक नरकीय जीवन जीने को मजबूर है, लेकिन कोई भी लोगों की सुध लेने वाला नहीं है।
ये कहना है क्षेत्रवासियों का
स्थानीय निवासी रवि ने कहा कि चारों ओर गंदा पानी भरा
हुआ है, घरों के बाहर निकलना, बच्चों का खेलना मुश्किल हो गया है। गंदे पानी की वजह
से बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इशू ठाकुर का कहना है कि किसी भी अधिकारी या निगम
कर्मियों के द्वारा कोई सुध नहीं ली गई, न ही कोई पानी निकालने या नाला सफाई की गई
है। हालत बहुत ही खराब है। आने-जाने तक में भी मुश्किल हो रही है। एडवोकेट पुष्कर गोस्वामी
ने बताया कि निगम की लापरवाही की क्षेत्र की जनता की जान पर बन आयी है। चारों ओर गंदगी
और जल भराव से न केवल क्षेत्र में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है, बल्कि दूषित पानी
से लोगो की जान पर बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार बेसुध है।
ये कहना है अवर अभियंता का
अवर अभियंता सौरभ कुमार ने कहा कि स्थिति को मौके पर जाकर
देखा गया है, नाले की सफाई कराई जा रही है, साथ ही जल निकासी के लिए उचित प्रबंध कराए
जाएंगे। पानी के दूषित संबंध में जल कल विभाग कार्यवाही करेंगे।

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