नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली। एनसीआरटीसी ने नई दिल्ली स्थित अपने कॉर्पोरेट ऑफिस में पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) परियोजना के लिए एक स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन मीटिंग का आयोजन किया। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने इस मीटिंग को संबोधित किया और परियोजना के विज़न, कार्यान्वयन के तरीके और कुशल, पारदर्शी एवं यात्री-केंद्रित शहरी मोबिलिटी को सक्षम बनाने में टेक्नोलॉजी की भूमिका पर प्रकाश डाला।
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) परियोजना के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी (PIA) के रूप में नॉमिनेट किया है। इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) परियोजना, पीएम-ई-बस सेवा योजना का एक केंद्रीय तकनीकी स्तंभ है, जिसे पूरे भारत देश में इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन के लिए एक एकीकृत डिजिटल बैकबोन प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस परियोजना में एक व्यापक आईटीएमएस (ITMS) प्लेटफॉर्म के एंड-टू-एंड डेवलपमेंट और दीर्घकालिक संचालन की परिकल्पना की गई है। इसमें आईटीएमएस (ITMS) एप्लिकेशन का डेवलपमेंट, एक केंद्रीय विज़ुअलाइज़ेशन सेंटर की स्थापना, लगभग 10,000 बसों के साथ 100 से अधिक शहरों में पैन-इंडिया रोलआउट, और 10 साल के लिए सिस्टम का संचालन और रखरखाव शामिल है।
एनसीआरटीसी ने भारत के प्रथम दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के कार्यान्वयन के दौरान कई, अपनी तरह के पहले तकनीकी समाधानों को विकसित और प्रयोग किया है। इनमें से कुछ तकनीकों का उपयोग देश में पहली बार, और कुछ का तो विश्व स्तर पर पहली बार किसी परियोजना में प्रयोग किया जा रहा है। इस कार्यान्वयन की यात्रा में एनसीआरटीसी ने व्यापक तकनीकी विशेषज्ञता हासिल की जो इसे आईटीएमएस (ITMS) परियोजना के लिए एक उपयुक्त पार्टनर बनाता है। यह परियोजना, एनसीआरटीसी के एक ऐसे इकोसिस्टम को विकसित करने के विज़न के अनुरूप है, जो सतत एवं एकीकृत सार्वजनिक परिवहन को संभव बनाता है। इस तरह का निर्बाध मल्टी-मॉडल-इंटीग्रेशन परिवहन प्रणाली की पहुंच को कई गुना बढ़ा देता है और यात्रियों के लिए और अधिक सुलभ और कुशल यात्रा अनुभव सुनिश्चित करता है।
मुख्य आईटीएमएस (ITMS) मॉड्यूल में कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS), ऑटोमैटिक व्हीकल लोकेशन सिस्टम (AVLS), ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFCS), पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS), इंसिडेंट मैनेजमेंट सिस्टम (IMS), यात्रियों के लिए मोबाइल एप्लिकेशन (MAC), मोबाइल ऐप के साथ क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (CrMS), और एक डेडिकेटेड वेबसाइट शामिल हैं।
इस कंसल्टेशन मीटिंग में इस इंडस्ट्री के प्रमुख भागीदारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जो इस परियोजना में लोगों की गहरी रुचि और शहरों में परिवहन प्रणाली को परिवर्तित कर देने की इसकी क्षमता को दर्शाता है। इंडस्ट्री के लोगों ने इस परियोजना पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। साथ ही प्रोजेक्ट के स्कोप, सिस्टम आर्किटेक्चर और एग्जीक्यूशन फ्रेमवर्क पर विस्तार से चर्चा की, जिससे एक रचनात्मक और सहयोगात्मक संवाद हुआ।
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