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Thursday, February 26, 2026

सीहोर में साहित्य का महाकुंभ: शनिवार से शिवना साहित्य समागम 2026 का आगाज़


_देशभर के दिग्गज साहित्यकार, आठ रचनाकारों का सम्मान और रेडियो कर्मवीर 90.0 एफएम की कवरेज दो दिन, अनेक सत्र, एक यादगार उत्सव_ 

सपना सीपी साहू 
सीहोर। हिंदी साहित्य, भाषा और संस्कृति के संवर्धन को समर्पित शिवना साहित्य समागम 2026 का आयोजन 28 फरवरी (शनिवार) से 1 मार्च 2026 (रविवार) तक क्रिसेंट रिसोर्ट एंड क्लब, इंदौर-भोपाल बायपास, सीहोर में होने जा रहा है। इस दो दिवसीय साहित्यिक महोत्सव में देशभर के वरिष्ठ साहित्यकार, कवि, कथाकार और विचारक एकत्रित होंगे। तीन सभागारों में एक साथ विभिन्न साहित्यिक सत्र, पुस्तक लोकार्पण, सम्मान समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलेंगे।

28 फरवरी : उद्घाटन से सम्मान समारोह तक
पहले दिन प्रातः 9:45 बजे सिद्धपुर सभामंडप में उद्घाटन सत्र से समागम का शुभारंभ होगा। सत्र समन्वयक/प्रभारी डॉ. गरिमा संजय दुबे और स्मृति आदित्य रहेंगी । अतिथियों में जगतगुरु पंडित अजय पुरोहित, डॉ. प्रेम जनमेजय, विकास दवे, सुदेश राय, विकास प्रिंस राठौर, नमिता राय और अरुणा राय सम्मिलित होंगे।
दिनभर सुबह 10:15 से शाम 5 बजे तक दो सभागारों में छह-छह वैचारिक सत्र चलेंगे जिनमें 'धर्म और साहित्य', 'सिनेमा और साहित्य', 'नई सदी की नई कविता', 'नई सदी की नई कहानी' और 'पत्रकारिता की विश्वसनीयता' जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श होगा। 

दोपहर 1:15 से 2 बजे तक चैन सिंह सभागार में पुस्तक लोकार्पण का कार्यक्रम भी रहेगा। शाम 7 बजे से 8:30 बजे तक लीजो हॉल, किसेंट क्लब एंड रिसोर्ट में भव्य सम्मान समारोह आयोजित होगा। तत्पश्चात रात्रि 8:30 बजे से भगोरिया नृत्य तथा रात्रिभोज का आयोजन होगा।

1 मार्च : होली के रंग और साहित्य का समापन
दूसरे दिन तीन सभागारों में पाँच-पाँच वैचारिक सत्र होंगे। 'डिबेट या न्यूज़', 'राजनीति की डगर में फूल और काँटे', 'लघुकथाओं की मंडी में लघुकथा' और '4 धाम दर्शन, 'आदि आबादी की आवाज़' जैसे विषय दिनभर की चर्चा के केंद्र रहेंगे। शाम 4 बजे सिद्धपुर सभामंडप में फाग गायन, पारंपरिक भोजन और लोक नृत्य के साथ समापन समारोह होगा। शाम 5 बजे चाय और विसर्जन के साथ इस यादगार समागम का पटाक्षेप होगा।

आठ रचनाकार होंगे सम्मानित
सम्मान समारोह में इस वर्ष आठ विशिष्ट रचनाकारों को उनकी कृतियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय शिवना सम्मान 2025 से लीलाधर मंडलोई को उनकी आत्मकथा 'जब से आँख खुली है' के लिए नवाजा जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय शिवना सम्मान 2024 के अंतर्गत प्रभात रंजन को उपन्यास 'किस्सागराम' और मनीश वैद्य को कहानी संग्रह 'वांग छी' के लिए सम्मान मिलेगा।

शिवना कृति सम्मान 2025 के तहत मुकेश नेमा (इत्तू सी इरा') और स्मृति आदित्य ('अब मैं बोलूँगी') को सम्मानित किया जाएगा। शिवना कृति सम्मान 2024 से प्रवीण कक्कड़ ('दण्ड से न्याय तक') और शिवना नवलेखन पुरस्कार 2024 के अंतर्गत रश्मि कुलश्रेष्ठ (उपन्यास 'शेष रहेगा प्रेम') तथा रुक्मा ओझा (कहानी संग्रह 'आखिरी चाय') को पुरस्कृत किया जाएगा।

मंच पर साहित्य के शिखर पुरुष
समारोह में देश के जाने-माने साहित्यकार शिरकत करेंगे। पद्मश्री डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी, कवि-कथाकार-आलोचक श्री संतोष चौबे और वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. प्रेम जनमेजय विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

रेडियो कर्मवीर 90.0 एफएम पहुँचेगा सीहोर
इस साहित्यिक आयोजन को व्यापक श्रोता वर्ग तक पहुँचाने के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के सामुदायिक रेडियो स्टेशन 'रेडियो कर्मवीर' 90.0 एफएम जो करता है जन गण मन की बात की टीम विशेष रूप से सीहोर पहुँचेगी। टीम आयोजन की रिपोर्टिंग के साथ-साथ साहित्यकारों व विद्वानों के साक्षात्कार और बाइट्स रिकॉर्ड करेगी, ताकि यह साहित्योत्सव रेडियो तरंगों पर भी गूँज सके।

आयोजन समिति
समागम का आयोजन यतींद्र मिश्र, यशपाल शर्मा, अखिलेश राय, श्रीमती मनीषा कुलश्रेष्ठ और श्रीमती ज्योति जैन की अगुवाई में किया जा रहा है। आयोजन से जुड़ी परामर्श समिति में लोकेन्द्र मेवाड़ा, अनिल पालीवाल, कैलाश अग्रवाल, अशोक राय, उमेश शर्मा, राजेश चांडक, हितेन्द्र गोस्वामी, राजकुमार राठौर, पंकज सुबीर, रेखा पुरोहित सहित अनेक वरिष्ठ साहित्यकार व कार्यकर्ता शामिल हैं।

"सीहोर बुला रहा है...साहित्य के इस महोत्सव में आपका स्वागत है।"

रिपोर्ट - नैवेद्य पुरोहित / MCU Team

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