शिव कुमार शर्मा
नित्य संदेश, गंगानगर। जीवन नश्वर है, जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है, परन्तु कुछ आत्माएं ऐसी होती हैं, जो मृत्यु के बाद भी अमर हो जाती है और उन्हें सदैव याद किया जाता है, ऐसी ही थी क्रांति देवी, जो अपनी मृत्यु के बाद भी जिंदा है और मृत्यु पश्चात उनकी आंखों ने दो व्यक्तियों का जीवन रोशन कर दिया।
कसेरूखेड़ा की रहने वाली समाज सेविका क्रांति देवी का निधन यूं तो 2019 में हो गया था, परंतु आज भी उनकी दान दी गई आंखों से दो जिंदगियों को रोशनी मिली हुई है। क्रांति देवी के पुण्य दिवस को उनके परिवार वाले प्रत्येक वर्ष नेत्रदान जागरूक दिवस के रूप मे मनाकर नेत्रदान के लिए जागरूक करते हैं। शुक्रवार को समाज सेविका, नेत्रदानी स्व: क्रान्ति देवी की सातवीं पुण्यतिथि पर उनके परिवार ने हवन पूजा कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की और समाज में नेत्र दान से जुड़ी झूठी भ्रांतियों को दूर करते हुए आमजन को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उनके पुत्र शिवकुमार शर्मा, पुत्रवधू कमलेश शर्मा, पौत्र नीतीश, आयुशी वशिष्ठ, वरुण, प्राची वशिष्ठ, प्रपौत्र अथर्व वशिष्ठ, प्रणव वशिष्ठ एवं प्रपौत्री मनस्वी वशिष्ठ सहित क्षेत्रवासी एवं संबंधित उपस्थित रहे।
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