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Friday, January 2, 2026

यक्ष ऐप से अपराधियों पर पुलिस कसेगी शिकंजा, बीट व्यवस्था होगी मजबूत

 


-डीआईजी ने यक्ष ऐप के उद्देश्य व क्रियान्वयन को लेकर की वीडियो कांफ्रेंस ब्रीफिंग

लियाकत मंसूरी

नित्य संदेश, मेरठ। डीआईजी कलानिधि नैथानी द्वारा शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रेंज के समस्त जनपद प्रभारी, राजपत्रित अधिकारी एवं समस्त थाना प्रभारियों के साथ यक्ष ऐप के उद्देश्य व क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत ब्रीफिंग की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जघन्य और सनसनीखेज अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस ने यक्ष एप को प्रभावी रूप से लागू किया है। इसे मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय में शुरू किया है।


यक्ष ऐप से दर्ज होगा अपराधिक रिकार्ड

इस एप के जरिए किसी भी जनपद में अपराध करने वाले अपराधियों का रिकार्ड दर्ज किया जाएगा, साथ ही उनका लगातार सत्यापन होगा। यक्ष एप के तहत बीट व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। हर थाना और क्षेत्र के टॉप-10 अपराधियों का चयन पारदर्शी और डेटा आधारित प्रक्रिया से किया जाएगा, जिससे निगरानी और कार्रवाई ज्यादा प्रभावी हो सकेगी।


AI पावर्ड फेसियल रिकग्निशन की सुविधा

सनसनीखेज अपराधों की रोकथाम के लिए ऐप में AI पावर्ड फेसियल रिकग्निशन की सुविधा है, जिससे संदिग्ध अपराधियों की पहचान आसान होगी और एआई पॉवर्ड वॉयस सर्च से अपराधों के अनावरण और रोकथाम में मदद मिलेगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से पहले से दर्ज अपराधियों की पहचान चेहरे के मिलान द्वारा की जाती है। AI तकनीक फर्जी पहचान, नाम बदलने या फरारी की स्थिति में भी सटीक पहचान में सहायता करती है। किसी जघन्य या सनसनीखेज घटना के घटित होते ही यक्ष ऐप के डेटाबेस से संभावित अपराधियों की पहचान उनकी अद्यतन स्थिति की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी।


यक्ष ऐप का उद्देश्य

किसी भी जनपद में जघन्य व सनसनीखेज अपराधों को कारित करने वाले सभी अपराधियों का उनके निवास थाने के आधार पर अभिलेखीकरण व लगातार सत्यापन होगा। बीट कर्मचारी प्रत्येक अपराधी का सत्यापन उसके रहने के स्थान पर जाकर कर करेंगे और आवश्यकतानुसार गाँव-मोहल्ले के व्यक्तियों, परिवार के सदस्यों से वार्ता कर सही-सही जानकारी भर सकेंगे। थानों की बीट व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण व बीट के प्रत्येक कर्मी की "बीट के अपराधी की जिम्मेदारी बीट सिपाही के नाम" के सिद्वान्त पर जबावदेही होगी। वास्तविक सक्रिय अपराधियों, माफिया, हिस्ट्रीशीटर, जिला बदर, वाण्टेड, पुरस्कार घोषित की आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी एवं रोकथाम होगी।


प्रत्येक रिकार्ड रहेगा उपलब्ध

सीसीटीएनएस पर दर्ज अभियोग में आरोप पत्र होने के पश्चात अभियोग से सम्बन्धित अभियुक्तों का विवरण स्वतः ऐप में प्रदर्शित होने लगेगा। सजायाफ्ता अपराधियों की निगरानी और हिस्ट्रीशीटर की निगरानी होगी। लाइसेन्सी शस्त्रों एवं कारतूसों का सत्यापन होगा। ऐप में अभियुक्तों की श्रेणीवार कलर कोडिंग की व्यवस्था रहेगी। ऐप में अभियुक्त द्वारा कारित किए गए अपराध की संवेदनशीलता, अपराध करने का समय, अपराध में प्रयुक्त हथियार के अनुसार अभियुक्त के स्कोर निर्धारण की व्यवस्था की गयी है, ताकि उनको श्रेणीबद्ध करते हुए निगरानी की जा सकेगी।


ऐप में यह व्यवस्था भी उपलब्ध

इस ऐप में यह व्यवस्था भी उपलब्ध है कि अभियुक्त के सत्यापन के दौरान यदि अभियुक्त अपना निवास स्थान छोड़कर अन्य स्थान पर जाता है तो बीट कर्मचारी द्वारा यह रिपोर्ट दर्ज करने पर अभियुक्त द्वारा गन्तव्य स्थान के थाना क्षेत्र के सम्बन्धित बीट कर्मचारी को अलर्ट प्राप्त हो जाएगा एवं सम्बन्धित बीट के कर्मचारी को सत्यापन की जिम्मेदारी होगी। बीट कर्मियों द्वारा उनके बीट क्षेत्र में हो रहे आपराधिक गतिविधियाँ जैसे जुआ, अवैध शराब-शस्त्र, मादक द्रव्यों की बिक्री व तस्करी, पशु तस्करी आदि।


गैंग के विरूद्ध होगी कानूनी कार्रवाई

यक्ष ऐप एडवांस्ड गैंग एनालिसिस ऑप्शन के साथ आता है, जिससे सभी अपराधी जो एक दूसरे के साथ मिलकर गैंग बनाते हुए अपराध करते हैं को बहुत आसानी से ढूंढा जा सकता है। FIR और दूसरे डॉक्यूमेंट्स को मैन्युअली स्क्रॉल करने के बजाय, यक्ष ऐप AI का इस्तेमाल करके सभी अपराधी जो एक दूसरे के साथ मिलकर अपराध करते हैं, उसे एक स्थान पर गैंग के रूप में प्रस्तुत करता है, जिससे गैंग के विरुद्ध कार्यवाही करने में आसानी हो सकेगी। डीआईजी ने बताया कि यक्ष एप से न सिर्फ अपराध नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि बीट स्तर पर जवाबदेही तय होने से कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।

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