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Monday, January 5, 2026

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में भावनाओं, स्मृतियों और संकल्पों का संगम


पुरातन छात्र सम्मेलन–2026 का ऐतिहासिक एवं भावपूर्ण आयोजन

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित अटल सभागार आज स्मृतियों, आत्मीयता और गौरव के भावों से सराबोर हो उठा, जब पुरातन छात्र समिति के तत्वावधान में पूर्व छात्र सम्मेलन–2026 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। यह केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा, संघर्षों की यादों और भविष्य के संकल्पों का जीवंत उत्सव था। 

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही सभागार में उपस्थित सैकड़ों पूर्व छात्रों के मन में अपने विश्वविद्यालय, अपने दिनों और अपने संस्कारों की स्मृतियाँ जीवंत हो उठीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर चुके देश-समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सैकड़ों पूर्व छात्र एकत्रित हुए। सभी ने अपने छात्र जीवन, संघर्षों, सफलताओं और अनुभवों को साझा करते हुए इस बात को स्वीकार किया कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने उन्हें केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, निर्भीकता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की दृष्टि दी। वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र आज प्रशासन, शिक्षा, चिकित्सा, शोध, कला एवं समाजसेवा सहित अनेक क्षेत्रों में रचनात्मक भूमिका निभा रहे हैं और अब समय है कि सभी एकजुट होकर छात्र कल्याण, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण में संगठित प्रयास करें। 

कार्यक्रम का कुशल एवं गरिमामय संचालन डॉ. अमृता एवं डॉ. दीपक कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर सभी पूर्व छात्रों को भारतरत्न चौधरी चरण सिंह द्वारा लिखित पुस्तक “शिष्टाचार” भेंट स्वरूप प्रदान की गई, जो उनके विचारों और मूल्यों की स्मृति का प्रतीक रही।
सम्मेलन का एक अत्यंत मार्मिक क्षण तब आया जब विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने नब्बे के दशक से चाय की दुकान चला रहे ओमबीर को मंच से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन अनगिनत साधारण चेहरों का सम्मान था, जो विश्वविद्यालय की स्मृतियों, संघर्षों और रोजमर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। सभागार तालियों से गूंज उठा और कई आंखें नम हो गईं। एल्युमनी मीट के दौरान बॉलीवुड के सुपरस्टार धर्मेंद्र सिंह देओल का भावपूर्ण स्मरण भी किया गया। 

इसी क्रम में विश्वविद्यालय के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के पूर्व छात्र डॉ. देवेंद्र कुमार ने फिल्म प्रतिज्ञा का प्रसिद्ध गीत “जाट यमला पगला दीवाना” प्रस्तुत कर समां बांध दिया। यह प्रस्तुति धर्मेंद्र के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में सराही गई और सभागार में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित एवं आयोजक पूर्व छात्रों में डॉ. मनोज सिवाच, डॉ. नीलम पंवार, डॉ. सूरजपाल सिंह, डॉ. प्रतीत दहिया, डॉ. अजीत देशवाल, डॉ. सोरन सिंह, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. सुधीर मलिक, प्रो. राजीव बालियान, डॉ. संजीव डबास, डॉ. कुलदीप उज्ज्वल, डॉ. रवि नैन, डॉ. कुलदीप चौधरी, डॉ. हरेंद्र मलिक, डॉ. दीपा पंवार, डॉ. विपिन मलिक, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. दीपक गुड्डू, डॉ. राजीव, डॉ. देवेंद्र खोखर, डॉ. नेमपाल राठी, डॉ. पंकज कालखंडे, डॉ. सचिन ढाका, डॉ. विजय पंवार, डॉ. योगेंद्र मलिक, डॉ. राधेश्याम तोमर, डॉ. नवीन तोमर, डॉ. सुरेंद्र टिकैत, डॉ. रितेश मलिक, डॉ. प्रभात देशवाल, डॉ. राजीव गोहित, डॉ. देवेंद्र सिंधु, डॉ. ललिता सिंह, डॉ. अनुपम, डॉ. शैफाली सिरोही सहित सैकड़ों पूर्व छात्र उपस्थित रहे।

सम्मेलन की मीडिया टीम के रूप में डॉ. प्रदीप डींगवाल एवं डॉ. धर्मेंद्र जावला सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक स्वर प्रदान किया। यह सम्मेलन केवल अतीत की स्मृतियों का पुनर्पाठ नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय से जुड़े हर व्यक्ति के लिए आत्मीयता, गर्व और भविष्य के प्रति साझा संकल्प का सशक्त संदेश बनकर उभरा। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का यह आयोजन लंबे समय तक सभी के हृदय में जीवंत रहेगा।

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