प्रबन्ध निदेशक रवीश गुप्ता द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि० के प्रबन्ध निदेशक रवीश गुप्ता द्वारा डिस्कांम मुख्यालय ऊर्जा भवन मेरठ में हाईटेक लैब एवं परीक्षण उपकरणों के संचालन हेतु चार दिवसीय (05.01.2026 से 08.01.2026 तक) प्रशिक्षण कार्यकम का शुभारम्भ किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिमांचल डिस्कॉम, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पूर्वाचल डिस्कांम सहित केरकों डिस्काम के लगभग 50 अभियन्ता एवं टेक्नीशियन प्रतिभाग कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न डिस्कामों से आए अभियन्ताओं को विद्युत उपकरणों के मानक, परीक्षण एवं गुणवत्ता मुल्याकंन को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ बनाना है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें हाईटेक लैब के संचालन, तकनीकी परीक्षण, प्रक्रियाओं, आधुनिक उपकरणों के प्रयोग एवं मानक परीक्षण विधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। यह प्रशिक्षण 05 जनवरी 2026 से 08 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
हाईटेक लैब की स्थापना के पश्चात विभिन्न उपकरणों की गुणवत्ता की जाँच जैसे पावर ट्रांसफार्मर, कन्डक्टर, केबिल, स्मार्ट मीटर, सीटी/पीटी, ब्रेकर, रिलें एवं अन्य महत्वपूर्ण विद्युत उपकरण का परीक्षण उच्च मानकों के अनुरूप किया जा सकेगा। लगभग 26 प्रकार के विद्युत उपकरणों की परीक्षण सुविधा इस हाईटेक लैब में उपलब्ध कराई जाऐगी, जिससे विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढाने में सहायता मिलेगी। यह पहली बार है कि पश्चिमांचल डिस्कांम द्वारा इस तरह का उन्नत प्रशिक्षण एवं हाईटेक टैस्टिंग सुविधा एकसाथ लागू की जा रही है। इससे अभियन्ताओं को नई तकनीक, आधुनिक परीक्षण प्रणालियों एवं तत्पश्चात् रिर्पोटों के आंकलन एवं कार्यकुशलता को अपनाने का अवसर मिलेगा।
प्रबन्ध निदेशक ने इस अवसर पर कहा की हाईटेक लैब की स्थापना से विद्युत सामग्रियों की न केवल गुणवत्ता, परीक्षण सुदृढ होगा बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी सहायता मिलेगी। उन्होने प्रतिभागी अभियन्ताओं से प्रशिक्षण की बारीकियों एवं तकनीकी दक्षता अपने अधीनस्थों से भी साझा करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रशिक्षक विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्र संचालित किए जायेगें एवं प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरान्त अभियन्ता व्यवहारिक अनुभव के साथ परीक्षण प्रक्रियाओं में और अधिक दक्ष हो सकेगें।
इस प्रशिक्षण कार्यकम से निपुण होकर कार्मिक विभिन्न रेटिंग के परिवर्तकों, पावर केबिल, कन्डक्टर, स्मार्ट मीटर, सीटी, पी०टी०, बेकर व रिलें इत्यादि विद्युत उपकरणों की गुणवत्ता की जाँच, कर सकेगें एवं इस हाई टैक लैब की स्थापना से पश्चिमांचल डिस्काम सामग्रियों की जाँच करने मेंगे आत्म निर्भर बन जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम मे जेके अरोडा, पूर्व बी०आई०एस० आफिसर एवं एनएबीएल आडिटर केसी लैब, कैलाश जिन्दल, एमडी केसी लैब, गाजियाबाद, संजय मिश्रा, डायरेक्टर एसएम सिस्टम, उमंग जैन, मै० बोर आस्ट्रिया, राहुल इस्लाम एवं साद मै० डोबल इन्जीनियरिंग, भवीन महता एवं प्रथमेश, मै० माधव इन्जीनियरिंग एवं श्री आर०के० विश्वकर्मा, मै० बालाजी एन्टरप्राइजेज आदि ने हाईटेक लैब के परिचालन हेतु टैस्टिंग उपकरणों के संबंध में विस्तार से बताया।
कार्यकम का संचालन हरिकेश अधीक्षण अभियन्ता, उमेश सोनकर अधीक्षण अभियन्ता, रजनीश कुलश्रेष्ठ अधिशासी अभियन्ता, गौरव ओझा अधिशासी अभियन्ता एवं आशुतोष शुक्ला अधिशासी अभियन्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संजय जैन निदेशक (वाणिज्य), एनके मिश्र निदेशक (तकनीकी), स्वतंत्र कुमार तोमर निदेशक (वित्त), देवेन्द्र चन्द्र वर्मा मुख्य अभियन्ता, पीके सिंह मुख्य अभियन्ता, अशोक सुन्दरम मुख्य अभियन्ता, राहुल नन्दा मुख्य अभियन्ता, राजीव कुमार अधीक्षण अभियन्ता, अनीश कुमार अधिशासी अभियन्ता, निखिल नायक अधिशासी अभियन्ता, सुनील कुमार अवर अभियन्ता मुख्यालय, विजेन्द्र सिंह अवर अभियन्ता आदि अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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